गीता पढने पर आखिर क्यों पीटा गया ये व्यक्ति?

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भाई देखो देश में जय श्री राम, अल्लाह हू अकबर, मोब लिंचिंग, नमाज हनुमान चालीसा पर खूब बवाल मचा हुआ है. अब मामला इन सबसे ऊपर उठकर गीता और रामयाण तक पहुँच गया है. दरअसल खबर के मुताबिक़ अलीगढ के एक युवक उसके ही समाज से जुड़े लोगों ने घर में घुसकर उसके साथ मारपीट और उसके हारमोनियम को इसलिए तोड़ दिया क्योंकि वो रामयाण की चौपाइयाँ गा रहा था, क्योंकि वो भागवत गीता पढ़ रहा था.


दरअसल अलीगढ जिले के गोश्त वाली गली निवासी दिलशाद ने गुरुवार को पुलिस से शिकायत की. शिकायत में उसने अपने ही धर्म के लोगों पर रामायण व गीता का पाठ करने से रोकने, गाली-गलौज करने व मारपीट करने का आरोप लगाया है. दिलशाद ने बताया कि गुरुवार सुबह जब वह ड्यूटी करके घर लौटा और स्नान करके अपने घर में रामायण और गीता का पाठ करने बैठा तभी दो कट्टरपंथी समीर और जाकिर सहित अन्य लोग घर में घुस आए और रामायण और गीता का पाठ करने से मना करते हुए गाली-गलौज करने लगे. इसके बाद आरोपी धार्मिक ग्रंथों को भी अपने साथ ले गए और पीड़ित के वाद्ययंत्र यानी हारमोनियम के साथ-साथ घर में तोड़-फोड़ कर गए. पिछले कुछ दिनों से ये लोग दिलशेर को परेशान भी कर रहे थे और मुस्लिम होने के नाते हिन्‍दु धर्म का ग्रंथ गीता न पढ़ने का भी दवाब बना रहे थे. हालाँकि इस घटना के बारे में देहलीगेट थाने के इंस्पेक्टर इंद्रेश पाल सिंह ने बताया, ‘पीड़ित की तहरीर के आधार पर पड़ोसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने और उसके साथ मारपीट करने के लिए समीर व जाकिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपी हिरासत में ले लिया गया है। उसने पड़ोसी से झगड़े की बात स्वीकार की है। लेकिन बाकी आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है।’ खैर पुलिस अधीक्षक ने इस मामले पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.


हालाँकि अभी तक जाँच चल रही है.. आरोपी ने झगडे की बात तो स्वीकार की है लेकिन बाकी जो आरोप लगे हैं कि गीता पढने से रोका, धर्म ग्रन्थ को फाड़ने की कोशिश की या फिर तोड़फोड़ की है इन बातों से आरोपी इनकार कर रहा है.
आज देश के लगभग हर मसले को धार्मिक रंग देने की कोशिश जारी है. कोई जय श्री राम के बहाने सडकों पर प्रदर्शन करने उतर आता है तो कोई पूरे धर्म को ही गुनहगार बना देता है. कभी कोई जय श्री राम की आड़ में दूसरों को फंसाने की कोशिश कर रहा है तो कही आप्सी लड़ाई को मोब लिंचिंग से जोड़ दिया जा रहा है. हो या न हो इस सबसे हमारे देश का माहौल बिगड़ रहा है. चंद लोग अपनी भड़ास निकालने के चक्कर में ऐसा कर बैठने वाले हो सकते हैं. उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. हत्या, मारपीट किसी के साथ या किसी भी वजह से हो, किसी भी धर्म के लोगों के साथ हो कार्रवाई होने चाहिए लेकिन आज हमारे सामने कुछ ऐसे लोग खड़े हो गये हैं जो सिर्फ जाति, धर्म, समुदाय देखने के बाद अपना मुंह खोलते हैं, कैंडल मार्च के लिए उतरते हैं इस तरह के कई नमूने हमारे सामने हैं जिन्होंने यह साबित किया है कि उनका मतलब सिर्फ कुछ लोगों से हैं या कहने लोगों से है ही नही..उनका मतलब सिर्फ दाल गलाने से है..और ये लोग चाँद लोगों को अपने साथ लेकर अपनी दाल गलाने या फिर रोटी सेंकने में माहिर हो चुके हैं. भोले भाले लोग इन्ही लोगों के चक्कर में फंसते जा रहे हैं.


खैर दिलशेर जिन्होंने आरोप लगाया है कि इउनके साथ रामयाण और गीता पढने पर मारपीट की गयी है उन्होंने बताया कि रामायण पाठ को अपनी आदत में शुमार कर लिया है। रोजाना नहाने के बाद रामायण पढ़ना नहीं भूलता। कई चौपाइयां याद हैं। वह गीता भी पढ़ते हैं। ‘1979 से रामायण का पाठ कर रहा हूं। इससे मेरे मन को सुकून मिलता है। इसी बात का कुछ लोग विरोध करते हैं। धमकाते हैं। हर वक्त जान को खतरा बना रहता है।’
खैर इस घटना पर हमारी नजर बनी हुई है कि पुलिस की छानबीन में क्या मामला निकलकर आता है