मोदी से घबराती हैं बीजेपी की विवाहित महिलाएं- मायावती

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लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच सभी पार्टियां एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही है..लेकिन दिन पर दिन इस सियासी बयानबाजी का स्तर गिरता जा रहा है…जिसका अंदाजा आप मायावती के एक बयान से लगा सकते है..

ताजा मामले में बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक विवादित बयान दिया है.. बीते कुछ वक़्त से मायावती पीएम मोदी के खिलाफ आलोचना को लेकर मुखर रही हैं. जैसा मायावती का अंदाज है, कह सकते हैं फ़िलहाल वो मोदी की सबसे बड़ी आलोचक हैं..आलोचक होने से पहले मायावती खुद एक महिला हैं..लेकिन एक महिला जब दूसरी महिला को कटघरे में खड़ा करे तो सवाल होने लाजमी है..
मायावती ने एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान राजस्थान के अलवर में एक दलित महिला से हुए सामूहिक बलात्कार के सिलसिले में पीएम मोदी को लेकर बेहद ही निजी टिप्पणी कर दी..उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जब अपनी पत्नी को राजनीतिक लाभ के लिए छोड़ सकते है तो वो किसी और की बहन और पत्नी का सम्मान कैसे कर सकते हैं..अलवर गैंगरेप मामले को लेकर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति अपने सबसे ऊंचे मुकाम पर है..

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लेकिन यहां सोचने वाली बात ये है कि आखिर राजनीति की ये कैसी मजबूरियां हैं कि अपनी राजनीति साधने के लिए एक महिला ही दूसरी महिला के दामन को अपने बेतुके बयानों से दागदार कर दे..मायावती और मायावती जैसे तमाम नेता इस बात से परिचित हैं कि पीएम मोदी की पत्नी जसोदाबेन का राजनीति से कोई मतलब नहीं हैं..ऐसे कई मौके आए जब उन्होंने इस बात को स्वीकारा है कि वो सिर्फ पीएम मोदी से ही नहीं बल्कि उनकी राजनीति तक से भी कोसों दूर रही हैं..ऐसे में उनकी पत्नी को बीच में लाकर उनपर राजनीति करना कहां तक सही है..

बहरहाल, मायावती यही चुप नहीं रही..बल्कि मायावती ने मामले पर बयान देते हुए प्रधानमंत्री मोदी की पत्नी के साथ-साथ तमाम विवाहित महिलाओं को भी कटघरे में खड़ा कर दिया.. बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि मुझे पता चला है कि बीजेपी में खासकर विवाहित महिलाएं अपने पतियों को पीएम मोदी के करीब जाता देख घबरा जाती हैं। उनका कहना है कि उन महिलाओं को डर है कि कहीं पीएम मोदी उन्हें भी अपनी पत्नी की तरह अपने पतियों से अलग ना करवा दें। यहां सवाल ये है कि क्या वाकई इस देश की महिलाओं को लगता है कि मोदी की वजह से उनके पति उन्हें छोड़ देंगे? या फिर मायावती पतिओं के विश्वास को कम आंक रही हैं? इसका जवाब हम आपसे चाहते है ?

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इसके साथ ही बीएसपी प्रमुख ने कहा, ‘महिलाओं से मेरा खास अनुरोध है कि वे इस किस्म के व्यक्ति को अपना वोट कतई न दें और यही आपका मोदी की छोड़ी गई पत्नी के प्रति सही सम्मान भी होगा।’..लेकिन यहां ये समझना मुश्किल है कि मायावती जो खुद एक ऐसे पार्टी के साथ गठबंधन में हैं..जिस पार्टी के मुखिया ने खुद उनकी इज्जत पर हमला किया था..गेस्ट हाउस कांड कौन नहीं जानता..1995 में उत्तर प्रदेश की राजनीति में जो हुआ वह शायद ही कही हुआ होगा..उस दिन एक उन्मादी भीड़ सबक सिखाने के नाम पर दलित नेता मायावती की आबरू पर हमला करने पर आमादा थी..वो गेस्ट हाउस कांड जिस वजह से सपा और बसपा में सालों से दुश्मनी थी लेकिन आज सत्ता के लिए मायावती ने उस पार्टी से हाथ मिला लिया है जिसने कभी महिलाओं का सम्मान नहीं किया..मायावती सत्ता की लालच में इतनी अंधी हो गई की वो उस पार्टी के साथ हैं जो दूसरी महिला प्रत्याशी के चरित्र पर आए दिन हमला करता है..आजम खान के बड़बोले बोल इसका एक दूसरा उदाहरण पेश करता है..ऐसे में मायावती कैसे देश की महिलाओं को ये समझा सकती है कि किसे वोट देना चाहिए ?

बहरहाल, पीएम मोदी की आलोचना के लिए मायावती का उनके परिवार या फिर निजी जीवन को घेरना खुद इस बात को साफ कर देता है..की मायावती राजनीति में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जाने से परहेज नही करेंगी..मायावती पीएम मोदी के खिलाफ जैसी हड़बड़ाहट अपनी रैलियों और भाषणों में दिखा रही हैं वो ये भी साफ कर देता है कि अगर बीजेपी खास करके मोदी दोबारा सरकार बनाने में कामयाब हो गए तो फिर उनका राजनीतिक भविष्य क्या होगा?