आखिर क्यों शेर बनने को मजबूर हो गये लालू के बेटे तेजप्रताप

115

मैंने  सुबह सुबह फ़ोन उठाया  तो  मतलब नोटिफिकेशन ने दिमाग ख़राब कर दिया, मैंने सोचा चलो ठीक है होंगे ज्ञान बांटने वाले,पर मुझे क्या पता था की ऐसे ऐसे मैसेज देखने को मिलेंगे.

 चलो मानते है कि आपको हमारी केयर है पर भैया इतनी भी केयर मत किया करो की हमारे साथ भी ये हो जाए


 1] कर्नाटक में जब से सरकार बनी है तबसे ही नौटंकी चल रही है,कभी मुख्यमंत्री रोने लगते है तो कब्भी लोटस ओपरेशन की बात चलने लगती है. खैर अब दो निर्दलीय विधायकों एच नागेश और आर शंकर ने सरकार से समर्थन वापस लिया है और डूबती जेडीएस को मुसीबत में डालकर रख दिया है.


२] मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति है मुर्सी

और  नेता जी के बैठते ही भारत में टूट गई कुर्सी


महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे को उस वक्त शर्मिंदा होना पड़ा  जब वो जावहर तालुका के जामसार प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में निरिक्षण के लिए पहुचे लेकिन ठीक से इंस्पेक्शन नही कर सके क्योकि जैसे ही वो कुर्सी पर बैठे तो कुर्सी ही टूट गई. अब कुर्सी मंत्री जी के वजन से टूटी या वो कमजोर ही थी इसका हमे नही पता.


३] तेजू भैया, यूपी वाले नही बिहार वाले– हाँ तो आजकल तेजप्रताप यादव बहुत गुस्से में है, गुस्सा इतना ज्यादा है की वो शेर बन गये है, मतलब रियल में नही बने है बस एक कार्टून में,कार्टून भी किसी और ने शेयर नही किया था बल्कि खुद [ लालू यादव का भ्क्क्कक्क्क बुद्बक्क्क्क विडियो ] के बेटे ने किया था. इस कार्टून में वो खुद शेर बने है और अपनी मम्मी जी को दुर्गा के अवतार में दिखाया है. मम्मी जी भी जबर गुस्से में त्रिशूल उठाये है और जन शक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान के पेट में घुसा रखा है.दरअसल राबड़ी देवी को  रामविलास पासवान जी ने अनपढ़ बोल दिया था, अब सच्चाई तेजू भैया को बुरी लग गई और उन्होंने ये  कार्टून शेयर कर दिया.


4] घुमने के शौक़ीन,अंखियो से गोली चलाने के एक्सपर्ट, बीजेपी के स्टार प्रचारक राहुल गाँधी जी जैसे ही दुबई पहुचे तो अपने यहाँ भारत में बैठकर कांग्रेस की आईटी सेल सम्भाल रहे कर्मठ युवाओ ने अपने नेता का भौकाल टाइट करने के लिए फोटोशोप की महिमा से  बुर्ज खलीफा को ही राहुल रंग में रंग दिया. 

5]  पूरी दिल्ली में सीसीटीवी लग गए है,वाई फाई तो दिल्ली के कोने कोने में लगा हुआ हुआ है   महिलाये सुरक्षित है ही, शीला दीक्षित भी जेल की ही रोटी खा रही है। साफ सफाई के मामले में भी राजधानी को चकाचक बनाने वाले दिल्ली के मुख्यमन्त्री अरविन्द केजरीवाल जी के उपर आते है मतलब उनसे जुडी खबर पर आते है.

मोदी सरकार से हमेशा नाराज फूफा जी वाला रिश्ता रखने वाले केजरीवाल  ने २०१९ में बनारस से न लड़ने का मन बना लिया है.आम आदमी पार्टी की तरफ से बाकयदा  बयाँ जारी करके कहा गया है की वो सिर्फ दिल्ली में ही अपना ध्यान लगाने जा रहे है .

ठीक है ठीक है एक हार की कीमत हम बखूबी समझ सकते है केजरीवाल सर, अब दोबारा न बेज्जती हो जाए उससे बचने की ये बढिया निंजा टेक्निक है. 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here