आखिर क्यों मचा है मध्य प्रदेश कांग्रेस में बवाल, सिंधिया कर रहे हैं आग में घी का काम!

113

मध्य प्रदेश कांग्रेस में इस समय बम फूट रहे है. एक बम कांग्रेस के एक गुट से फोड़ा जाता है फिर जवाब में दूसरा बम फोड़ा जाता है. बम की लड़ाई अब दिल्ली तक पहुँचने लगी है.. दरअसल मध्य प्रदेश कांग्रेस की लड़ाई में मुख्य पात्र के तौर पर दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और कमलनाथ की कैबिनेट में मंत्री उमंग सिंघार है.. दरअसल इस समय मध्य प्रदेश कांग्रेस में दो गुट बन गये हैं. हाल ही के हलचल पर नजर डाले तो पहली नजर में ही यही समझ आता है.

दरअसल दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश कांगेस के बड़े और बडबोले नेता हैं ये हम सभी जानते हैं. कुछ दिन पहले ही दिग्विजय सिंह ने एक पत्र जारी किया था जो उन्होंने अपने ही बेटे और कमलनाथ सरकार में मंत्री जयवर्धन सिंह को लिखा था. इस पत्र के जरिये उन्होंने अपने ही बेटे से मिलने का वक्त माँगा था.. जिसके बाद से अबवाल और बढ़ गया है.. दरअसल जो पत्र दिग्विजय सिंह ने अपने बेटे को लिखा है वो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.. इसके बद ही मध्य प्रदेश में बवाल मच गया.. कांग्रेस के ही नेताओं और मंत्रियों ने आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश सरकार में हस्तक्षेप करते हैं और साथ ही वे पर्दे के पीछे से सरकार तक चला रहे हैं.. हालाँकि इसे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से सिरे से खारिज कर दिया.. लेकिन बवाल थमा नही..

दिग्विजय सिंह के पत्र के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राहुल गाँधी के करीबी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे के माने जाने वाले कमलनाथ सरकार में मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाते हुए सोनिया गांधी से शिकायत भी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक वैकल्पिक सत्ता केंद्र बनाने की फिराक में हैं. सिंघार द्वारा सोनिया गाँधी को लिखे गये पत्र में ये भी लिखा है कि वे यानी दिग्विजय सिंह लगातार मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों को पत्र लिख रहे हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर जारी कर रहे हैं. ऐसा करके वे विपक्षी बीजेपी को सरकार पर हमला करने के लिए गोला-बारूद मुहैया करा रहे हैं.’  वहीँ सिंघार ने अपने के बयान में ये भी कहा है कि दिग्विजय सिंह ऐसे बयान देते हैं जैसे उनकी याददास्त कमजोर हो गयी हो.. हिन्दुओं को आतंकवादी कहते हैं. पाकिस्तानी जासूस कहते हैं..इनके काम तो हो जाते हैं लेकिन चिट्ठी लिखकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल करने का क्या मतलब है. पावर सेंटर बनना चाहते है ऐसा नही हो सकता है. पावर एक ही के हाथ में है और वो हैं कमलनाथ यानि मुख्यमंत्री.. इसके साथ ही सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर कई आरोप भी लगाए है. खनन, अधिकारीयों के ट्रान्सफर को लेकर..

खैर जब ये मामला तूल पकड़ता दिखा तो कमलनाथ ने सिंघार को मिलने के लिए बुलाया.. तब जाकर सिंघार के तेवर थोड़े ठन्डे पड़े लेकिन इस आग में घी डालने का काम खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया.. सिंधिया ने बयान देते हुए कहा कि जो भी आरोप लगाए गये हैं यो बेहद गंभीर हैं और मुख्यमंत्री जी को दोनों का पक्ष सुनना चाहिए.. इसके बाद सिंघार को और बल मिल गया और खुलकर दिग्विजय सिंह के खिलास्फ़ बयानबाजी करने लगे.. खैर शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेस करते हुए दिग्विजय ने पूरा मामला प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष पर छोड़ दिया है.. खैर मध्य प्रदेश में सिंधिया को लेकर बवाल जारी है.. सिंधिया के समर्थक हर तरीके से मांग कर रहे हैं कि सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाये…वहीँ दूसरा गुट शोभा ओझा को कांग्रेस अध्यक्ष बनवाना चाहता है. सिंधिया के समर्थन में पोस्टर और चिट्ठी का खेल जमकर खेला जा रहा है..सिंधिया के समर्थकों का कहना है कि महाराज ने प्रदेश में कांग्रेस की वापसी के लिए तब से संघर्ष कर रहे थे जब दिग्विजय सिंह क्षेत्र में दिखाई तक नही दे रहे थे.

महाराज के मेहनत का ही नतीजा है कि कांग्रेस सत्ता में वापसी कर सकी है और अब सिंधिया को ही नजरअंदाज किया जा रहा है..कांग्रेस में गुटबाजी इस हद तक बढ़ चुकी है कि बात सोनिया गाँधी तक पहुँच चुकी है. अगर इस मसले का जल्द समाधान नही निकाला गया तो कांग्रेस पूरी तरह दो गुट में बंट सकती है और कहीं कर्नाटक जैसी स्थिति ना पैदा हो जाए

 खैर कांग्रेस में मची इस खींचतान से बीजेपी को एक बैठे बिठाए सरकार पर हमला बोलने का एक सुनहरा मौका मिल गया..