आखिर रवीश कुमार पर क्यों भड़क गये रोहित सरदाना, वायरल हो रहा है विडियो

लोकसभा चुनाव के नतीजे आने वाले हैं, कुछ दिन पहले ही न्यूज चैनल्स के एक्जिट पोल सामने आ चुके हैं. एक्जिट पोल को लेकर काफी बवाल मचा और विवाद हुआ और नोंक झोंक भी हुई… नेताओं ने एक्जिट पोल मानने से मना कर दिया,, विवादित बयान दिया है लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा दो पत्रकारों की हो रही है ये दोनों पत्रकार टीवी न्यूज चैनल से जुड़े हैं है . दरअसल आप रवीश कुमार जी को तो जानते हो होंगे अरे वही रवीश कुमार एनडीटीवी वाले.. जब एक्जिट पोल सामने आये तो रवीश कुमार जी ने पूरी मेन स्ट्रीम मीडिया को ही कटघरे में खड़ा कर दिया.. बीजेपी का समर्थक बता बता दिया.. कुछ दिनों पहले उन्होंने सभी न्यूज़ चैनल पर भाजपा के लिए प्रचार करने का भी आरोप लगाया था। लेकिन अब एक और पत्रकार रोहित सरदाना ने रवीश कुमार के बयान को लाकर पलटवार किया है.. हालाँकि सिर्फ इसे पलटवार नही कह सकते… दूसरों के ऊपर ऊँगली उठाने से पहले अपनी तरफ देख लेना चाहिए. दरअसल रवीश कुमार ने एक विडियो में कहा था जो संभवतः उनके प्राइम टाइम का ही था. उसमें रवीश कुमार कह रहे हैं कि चुनाव आयोग कि तो मैं बात नही करना चाहता लेकिन जिस तरफ भाजपा के लिए मीडिया ने इतनी शिद्दत से मेहनत की है तो मुझे लगता है कि कुछ न्यूज एंकर और उनके मालिकों को सरकार की कैबिनेट या राज्य मंत्री तो बना ही देना चाहिए.

इसके बाद रोहित सरदाना सोशल साइट्स पर लाइव कार्यक्रम कर रहे थे तो किसी दर्शक ने उनसे पूछा कि रोहित भाई आपके एक्जिट पोल से काली स्क्रीन वाले पत्रकार बहुत गुस्से में हैं. इस पर रोहित सरदाना ने जवाब दिया कि ‘भाई साब! ऐसा है वो तो वैसे भी गुस्से में रहते हैं। आज वो कह रहे हैं कि कुछ मीडिया एंकर और न्यूज़ चैनल मालिकों को मंत्री बना देना चाहिए, क्यों? उस दिन तो मीडिया एंकर मंत्री नहीं बने थे जब वे न्यूज़रूम में बैठकर मंत्रीमण्डल डिसाइड करते थे। हैलो गुलाम! और बताते थे उनको कि फलाने को मंत्री बना दो, और उस फलाने को मंत्री मत बनाना। तब न न्यूज़रूम से मंत्री बनाए गए उनसे?’

दरअसल रोहित सरदाना ने जिस तरह से रवीश कुमार को जवाब दिया है उससे तो रवीश कुमार बैकफुट पर जा सकते है लेकिन ये रवीश कुमार जी वहीँ पत्रकार हैं जिनकी कुछ तस्वीरें कुछ दिन पहले अखिलेश यादव और मायावती की साझा रैली के मच पर खड़े हुए वायरल हुई थी. तब ये तस्वीर इतनी वायरल हुई थी कि रवीश जी को सफाई तक देनी पड़ी थी. हालांकि, रोहित सरदाना ने रवीश कुमार को एक्सपोज करने के लिए जिस तरह ‘राडिया टेप्स केस’ का उदाहरण दिया, वह वाकई रवीश कुमार की बोलती बंद करने वाला था। बता दें कि राडिया टेप्स विवाद ने यूपीए राज के दौरान उच्च राजनीतिक फैसलों में कुछ पत्रकारों का प्रभाव होने की बात का खुलासा किया था। दरअसल साल 2010 नवम्बर एक ऑडियो टेप सामने आया था जिसमें एनडीटीवी की पत्रकार बरखा दत्त और नीरा राडिया के बातचीत के हवाले से यह दावा किया था कि नीरा राडिया ने बरखा दत्त के माध्यम से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद और डीएमके के कुछ नेताओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाने की सिफ़ारिश की थी। इसी घटना का जिक्र करते हुए रोहित सरदाना ने रवीश कुमार को जवाब दिया है. इस समय रवीश कुमार के आरोप और रोहित सरदाना के जवाब वाला विडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. हालाँकि कहा तो यह भी जाता है कि रवीश कुमस्र मोदी सरकार के विरोध में एजेंडा चलाते हैं. एक तरफा रिपोर्टिंग की जाती है. दिनों दिन एनडीटीवी की लोकप्रियता गिरने का भी यही मुख्य कारण माना जाता है.

इसी तरह का एक सवाल और पूछा कि अभिसार शर्मा कह रहे हैं कि एक्जिट पोल पीएमओ से सेट किया गया है इस पर रोहित सरदाना ने कहा कि भाई ऐसा है इन लोगों के क्या कहने हैं. इनको धान और गेंहू में फर्क समझ नही आता. ये लोग क्या बताएँगे कि क्या कहाँ से चल रहा है कहाँ से नही… इनसे पूछना हर साल जो ये खबरे पढ़ते रहे..हर साल जो ये एक्जिट पोल दिखाते थे क्या मैनेज एक्जिट पोल दिखाते थे.. पैसा लेकर दिखाते थे.. इसीलिए आज सड़क पर हैं..

दरअसल एक्जिट पोल में बीजेपी की बढ़त दिखाई जा रही हैं इससे कुछ लोगों में काफी परेशानी दिखाई दे रही हैं इसी परेशानी में ये लोग कुछ ऐसा बोले जा रहे हैं जिससे वे खुद सवालों के घेरे में आ गये हैं. हालाँकि अब बहुत कम वक्त बचा है जब पूरी की पूरी स्थिति साफ़ हो जायेगी.. कौन जीत रहा है.. कौन हार रहा है,.. किस पार्टी की कितनी सीट आ रही हैं.. कौन सी पार्टी की सरकार बन रही हैं या  महागठबंधन सरकार बनाने में सफल हो जाएगा.. सबकुछ साफ़ हो जाएगा..23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आने वाले हैं.