जब-जब राहुल गांधी किया हिन्दू धर्म का अपमान

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कांग्रेस मुखिया राहुल गांधी का भी अपना एक अलग ही स्वैग है। बस जहां जाते हैं वही जबर तरीके से छा जाते है। कभी आंख मारकर तो कभी जबरदस्ती गले लगकर,भाषण देने जाते हैं तो वहां भी क्या बोल जाते हैं ये इन्हें ख़ुद भी नही पता चलता,ख़ैर छोड़िए।
कभी सेक्युलर होने का दावा करने वाली कांग्रेस पार्टी की तरफ से चुनावी मौसम में अपने आपको हिन्दू दिखाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। मुखिया राहुल गांधी कभी तिलकधारी बन रहें है तो कभी जनेऊ पहन रहें हैं। लेकिन क्या ये वो सचमुच में हिन्दू धर्म के उतने उपासक है जितना वो दिखा रहें है या फिर ये कोई चुनावी चाल है। ये सवाल इसलिए पूछ रहे है क्योकि राहुल गांधी कई हरकते ऐसी कर चुके है जिससे हिन्दू धर्म के लोगों को अपमानित महसूस करना पड़ा है। आज हम आपको राहुल गांधी की वो बाते बताएंगे जिनमे राहुल गांधी हिन्दू धर्म का अपमान करते साफ दिखाई दे रहे हैं।

पहला अपमान- मंदिर जाने वाला व्यक्ति लड़की छेड़ता है।

कांग्रेस मुखिया राहुल गांधी ने मजे मजे में एक सभा में कहा था कि मंदिर जाने वाला व्यक्ति लड़कियों को छेड़ता है। अब राहुल गांधी ने ये बयान दे तो दिया लेकिन देश भर में इसका काफी विरोध किया गया था। दूसरा अपमान- हिन्दुओं को अलकायदा और लश्कर से भी ज़्यादा खतरनाक बताया.

दूसरा अपमान -चुनाव आते ही हिन्दू मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करते दिखाई पड़ने वाले करने वाले राहुल गांधी ने हिन्दूओं की तुलना अलकायदा, लश्करे तैयबा और सिमी के आतंकवादियो से की थी। 2009 में राहुल ने अमेरिकी राजदूत  टिमोथी रोमर से कहा था, ‘भारत विरोधी मुस्लिम आतंकवादियों और वामपंथी आतंकवादियों से बड़ा खतरा देश के हिन्दू हैं।’

तीसरा अपमान- हिन्दुओं का अपमान करने वाली गौरी लंकेश की तुलना मां पार्वती से की

हिंदुओ के देवी देवताओं के खिलाफ अप्पतिजनक पोस्ट लिखने वालीं दिवंगत पत्रकार गोरी लंकेश का साथ राहुल को बेहद पसंद था। राहुल गांधी ने तो अपने एक ट्वीट में  गोरी लंकेश को मां पार्वती तक बता दिया।

चौथा अपमान- देवी-देवताओं से अपने चुनावी चिह्न को जोड़ा-अपनी राजनीति को चमकाने की जुगत में राहुल गांधी कुछ भी करने को तत्पर दिखाई पड़ते हैं।एक बार भरी सभा को संबोधित करने के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न हाथ को ही सारे देवी-देवताओं से जोड़ दिया। अब ये कितना सही था और कितना गलत था इसका अंदाजा आप खुद लगा लीजिये।
पांचवां अपमान- भगवान राम और विष्णु पर अविश्वास जताया- हालांकि the chaupal इस आरोप की पुष्टि नही करता पर खबरे तो यहां तक भी सामने आई कि कांग्रेस मुखिया राहुल गांधी ने अपने करीबी पत्रकारों के बीच साफ साफ शब्दों में कह दिया था कि वह राम और विष्णु को नहीं मानते। 

बाकी हम तो यही कहेंगे कि अगर धर्म को अपमानित किये बैगर राजनीति की जाए तो किसी भी पार्टी के लिए वो काफी फायदेमंद साबित होती है। उम्मीद है राहुल गांधी सुधरेंगे और धर्म को अपमानित करने से बाज आएंगे।