उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाने की आगाज़

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आजकल उत्तरप्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध में काफी तेज़ी आ गई है… अलीगढ, कुशीनगर और हमीरपुर में हुए महिलाओं के साथ दुष्कर्म और हत्या के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है…मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में मुख्य सचिव, डीजीपी और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग की… मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के लिए कई निर्देश भी दिए … पुलिसिंग, डायल-100 तथा एंटी रोमियो स्क्वाड को और अधिक सक्रिय किये जाने पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं और बालिकाओं से छेड़खानी करने और उन्हें परेशान करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें….. भीड़-भाड़ तथा संवेदनशील स्थानों पर एंटी रोमियो स्क्वाड निरंतर सक्रिय रहे….. हर थाना क्षेत्र में महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध पूर्व में हुए अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई की जाए…. योगी ने जून में एंटी रोमियो स्क्वाड को अभियान चलाने के निर्देश दिए….

साथ ही मुख्यमंत्री ने इन तीनों जिलों की घटनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और मामले में हुई प्रगति की समीक्षा की…. और इसपर स्ट्रिक्ट एक्शन लेने का आदेश भी दिया… और नाबालिक बालिकाओं के साथ हुए दुष्कर्म वाले 10 केस को हाईलाइट किया है और फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन कि बात कही..

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बलात्कार खिलाफ कानून में नाबालिगों के मामले में दोषियों की मौत की सजा के प्रावधान के लिए संसोधन का प्रस्ताव भेजेगी…
वहीँ बैठक में यह भी निश्चित किया गया है कि जुलाई में सभी स्कूलों में महिला कल्याण और पुलिस विभाग मिलकर महिला सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे…मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधों पर नियंत्रण के लिए वाहनों की रैंडम चेकिंग की आवश्यक है… इसके लिए विशेष अभियान भी चलेगा…

मुख्यमंत्री योगी ने एडीजी, आइजी और डीआइजी को भी फील्ड में भ्रमण के निर्देश दिए हैं … योगी ने कहा कि महिला संबंधी अपराधों में घरेलू हिंसा की भी भूमिका है…. इसके दृष्टिगत 181 महिला हेल्पलाइन को भी एक्टिव किया है…. 1090 वीमेन पावर लाइन को भी अधिक उपयोगी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि हर माह इसकी समीक्षा होगी… इस मौके पर मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी ओपी सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल और प्रमुख सचिव महिला कल्याण मोनिका एस गर्ग समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे….

महिलाओं से जुड़े अपराधों को नियंत्रण करने के लिए इसकी मोनिटरिंग की जिम्मेदारी प्रदेश की चार महिला अपर पुलिस मतलब की एडीजी को दी गयी है…यह जिम्मेदारी रेणुका कुमार, तनूजा श्रीवास्तव, नीरा रावत और अंजू गुप्ता को सौंपी गई है…. और इस मोनिटरिंग के दौरान हर अफसर के पास दो दो जोन रहेंगे…
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने तरफ से हर संभव कोशिश कर ली है अपराध को नियंत्रण करने की और अब इसमें जनता को भी cooperate करने की ज़रुरत है…