पा’किस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से भी मिला झटका

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जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद बेचैन पा’किस्तान को अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से भी झटका मिला है. पा’किस्तान इस मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद गया था, लेकिन पा’किस्तान को वहां से भी करारा झटका मिला है. वहां के मौजूदा अध्यक्ष देश पोलैंड से ने साफ-साफ कह दिया कि उसे इस मुद्दे को द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाना होगा.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता इस महीने पोलैंड के पास है. सुरक्षा परिषद के सदस्य देश बारी-बारी से हर महीने अध्यक्षता करते हैं,और ये पहला मौका है जब पोलैंड ने भारत और पा’किस्तान के बीच चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है. भारत और पा’किस्तान के बीच तनाव पर उन्होंने कहा कि, पोलैंड का मानना है कि किसी भी विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से ही किया जा सकता है. यूरोपीय यूनियन की तरह हम भी भारत और पा’किस्तान के बीच बातचीत के हक में है. 8 अगस्त को हुए विदेश मंत्री एस.जयशंकर और पोलैंड के विदेश मंत्री के बीच हुई बातचीत अहम रही. विदेश मंत्री ने पोलैंड को जम्मू-कश्मीर के बदले स्टेटस को लेकर भारतीय चिंताओं के बारे में बताया.

आर्टिकल 370 हटाए जाने के मुद्दे पर पा’किस्तान को हर जगह से झटके ही मिल रहे है. इससे पहले अमेरिका, चीन, रूस ने भी इस मुद्दे पर पा’किस्तान को दो टूक शब्दों में कहा था कि भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर जो भी फैसला लिया है वो भारत के संविधान को देखते हुए ही लिया गया है. अमेरिका ने भी कहा है कि वो कश्मीर को लेकर अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं कर रहा है. पोलैंड के विदेश मंत्री के साथ बातचीत में जयशंकर ने उन्हें बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत किए गए बदलाव एक आंतरिक मामला है और इसका मकसद आतंकी हमलों के खतरे से लोगों की सुरक्षा करना है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान में हुए बदलावों के किसी भी तरह से गलत नतीजे नहीं होंगे और जम्मू-कश्मीर का अस्थायी दर्जा खत्म करके क्षेत्र में तरक्की के नए मौके भी लोगों को मिलेंगे.