जिस 90 बीघा जमीन के लिए बिछा दी गई 10 ला’शें, वो जमीन थी इस शख्स की

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उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला बुधवार को लोगों की चीत्कार से सहम गया . 90 बीघा जमीन की लड़ाई में 10 लाशें गिर गई और 23 लोग जख्मी हो गए . सबकुछ हुआ बिलकुल फ़िल्मी अंदाज में और इनसब में बिहार के एक आईएएस अधिकारी भी शक के घेरे में है .

घटना है सोनभद्र जिले के ग्रामसभा मूर्तिया के गांव उम्भा की .दो साल पहले यहाँ के प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से 90 बीघा जमीन खरीदी थी . बुधवार 17 जुलाई को प्रधान अपनी जमीन पर कब्ज़ा करने के लिए 30 ट्रैक्टर और ट्रॉलियों में भरकर 300 लोगों के साथ पहुंचा . स्थानीय लोगों ने इस कब्जे का विरोध किया और उसके बाद जो हुआ उससे पूरा सूबा दहल गया .

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प्रधान के लोग जमीन पर कब्ज़ा करने के लिए पूरी तैयारी के साथ आये थे , जैसे ही स्थानीय ग्रामीणों ने कब्जे का विरोध किया, प्रधान के आदमियों ने बन्द्कों और गंडासों से ग्रामीणों पर हमला कर दिया और देखते ही देखते 10 लाशें गिर गई और 25 के करीब लोग घायल हो गए . घटना के बाद पुरे राज्य में सनसनी मच गई . मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर के मण्डलायुक्त तथा वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक को घटना के कारणों की संयुक्त रूप से जांच करने के निर्देश दिये हैं . साथ ही मुख्यमंत्री ने इस घटना में मारे गये लोगों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता का एलान किया है .

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इस नरसंहार के बाद इलाके में पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात की गई है। पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. जानकारों का कहना है कि ये सब अचानक नहीं हुआ बल्कि इस जमीन को लेकर विवाद बहुत पुराना है . बिहार कैडर के एक आईएएस अधिकारी प्रभात कुमार मिश्रा ने 90 बीघा जमीन खरीदा . मूर्तिया गांव आदिवासी बहुल इलाका है। गौड़ बिरादरी के लोग यहां कई पुश्तों से खेती करते आए हैं . लिहाजा आईएएस अधिकारी को जमीन खरीदने के बाद भी कब्ज़ा करने का मौका नहीं मिल पाया . हार कर उसने ये जमीन मूर्तिया गाँव के प्रधान यज्ञदत्त को बेच दी . बुधवार 17 जुलाई को यज्ञदत्त जमीन पर कब्ज़ा करने आया और लाशें बिछा दी .