शिवकुमार की बेटी ने किया है इतने का घोटाला की आप ज़ीरो गिनते-गिनते थक जाएंगे

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कभी-कभी सत्ता में बैठे लोग ये भूल जाते हैं की एक दिन उन्हें उस पर्वत से उतरना भी होगा, सत्ता काबिज़ कर ये अंधाधुन्द लूट मचाते हैं और फिर सत्ता से बेदखल किये जाने के बाद जब ED के हत्थे चड़ते हैं तो अपने दुखों की दुहाइयाँ देने लग जाते हैं.

कांग्रेस लूटखोर नेता शिवकुमार के अरेस्ट होने के बाद अब पता चला है की इनकी बेटी ऐश्वर्या, मार्क जुकरबर्ग से भी आगे निकल गयीं हैं, मार्क जुकरबर्ग अपनी मेहनत से 23 साल की उम्र में दुनिया के सबसे  अरबपति बने थे लेकिन, शिवकुमार की बेटी आश्वर्य 22 की ही उम्र में अरबपति बन जाती हैं. सोचिये उन्होंने ये मुकाम हासिल करने के लिए क्या किया है? उन्होंने किया है भ्रष्टाचार.

दरसल शिवकुमार की संपत्ति की जाँच के दौरान ED को पता चला की एश्वर्या करोड़ों का ट्रस्ट चला रही है. अब ED ने इसकी जवाबदेही के लिए एश्वर्या को अपने पास बुलाया है.

ED को पता चला है की शिवकुमार चोरी और हवाला के ज़रिये करोड़ों रूपये लूट रहे हैं. पिछले साल इनके ठिकाने पर ED ने जब छापा मारा तो 8 करोड़ 60 लाख रुपय नगद ही बरामद हुए, आगे की जाँच में ये भी पता चला की 2018 के अपने चुनावी शपथपत्र में शिवकुमार अपने नाम 618 करोड़ की संपत्ति और अपनी बेटी ऐश्वर्या के नाम 108 करोड़ की संपत्ति दर्ज होने की बात कहते हैं, बड़ी अजीब बात है की मात्र 5 सालों में इनकी संपत्ति 100 गुना ज़्यादा बढ़ गयी. 2013 के शप बेटी के नाम सिर्फ 1.1 करोड़ की संपत्ति दिखाई थी. इस पर सवाल उठने पर शिवकुमार बड़ी बेशमरी से सफाई दे गए थी कि मेरी बेटी मुझ पर निर्भर नहीं है, “मैं बस जनप्रतिनिधि कानून के अतंर्गत उसकी भी संपत्ति सार्वजनिक कर रहा हूं.”

वैसे ये कोई नयी बात नहीं है, कांग्रेस और भ्रष्टाचार का नाता पानी और मछली के जैसा है, जब एक राज्य का मंत्री इतना भ्रष्टाचार कर सकता है तो अंदाज़ा लगा लीजिए की केंद्र में रहते तो क्या नहीं कर देते. टॉप टू बॉटम ज़्यादातर नेता अपनी पार्टी वालों में ही भ्रष्टाचार करने की रेस में गोल्ड मैडल हासिल करने का कॉम्पिटिशन लड़ रहे हो.

कहते है की अगर घर का मुखिया ही गलत और सही के बीच फर्क करना भूल जाए तो बाकी परिवार को बिगड़ने में देर नहीं लगती, आपको सुन कर आश्चर्य नही होगा की इस वक्त आधी कांग्रेस ज़मानत पर बहार है. कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गाँधी और उनके सुपुत्र राहुल गाँधी खुद ही नेशनल हेराल्ड घोटाला के आरोपी हैं और ज़मानत पर बहार हैं, उनके पीछे कतार में है हेलिकोप्टर घोटाला करने वाले कमलनाथ के भांजे अहमद पटेल, एम्बुलेंस घोटाले के आरोपी अशोक गहलोत, आय से अधिक संपत्ति के मामले में वीरभद्र सिंह, घूसखोरी के आरोपी हरीश रावत, जमीनी सौदों में हेराफेरी के मामले में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में जगदीश टाइटलर.

पिछले 72 वर्षों में धीरे-धीरे देश के लोगों ने भ्रष्टाचार से जुड़ा एक कड़वा सच स्वीकार कर लिया था . ये कड़वा सच ये था कि हमारे देश में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों का कुछ नहीं हो सकता. लेकिन अब देश बदल रहा है अब यहाँ न तो भ्रष्टाचार करने दिया जाएगा और न ही भ्रष्टाचारीओं को माफ़ किया जाएगा. भ्रष्टाचार एक दीमक की तरह है जो हमारे देश को खोखला कर देता है . इस करप्शन के ज़हर को समाप्त करने के लिए हमारे देश को सर्जरी की ज़रूरत थी जो की अब हो रही है, अब भ्रष्टाचारियों की नींद हराम हो रखी है उन्हें पता है की उनके पाप अब ज्यादा दिन नहीं छुपने वाले.