राहुल गाँधी की नागरिकता को लेकर शुरू हुआ फिर विवाद, क्या बढ़ेगी मुसीबत?

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राहुल गांधी को लेकर एक बार फिर बवाल मच गया है. भारतीय जनता पार्टी की तरफ से राहुल गाँधी पर प्रहार किया गया है. एक निर्दलीय उम्मीदवार ध्रुव लाल ने राहुल गांधी के नामांकन संबंधी जानकारियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। ध्रुव लाल के वकील रवि प्रकाश ने कहा कि उन्होंने तीन बिंदुओं के आधार पर यह आपत्ति जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक़ रवि प्रकाश ने कहा कि ‘राहुल गांधी ब्रिटेन की एक कंपनी से जुड़े हुए हैं और इस कंपनी के पास दी गई जानकारी में राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताया है और नियम के अनुसार कोई भी विदेशी नागरिक भारत में चुनाव नही लड़ सकता. इसके साथ ही पूछा गया है कि ‘किस आधार पर राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताया? और ऐसा करने पर उनके पास भारतीय नागरिकता रखने का क्या अधिकार है?

इसके साथ ही सवाल खड़ा किया गया है कि राहुल गांधी ने हलफनामे में अपनी साल 2003 से 2009 के बीच यूके में संपत्तियों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है. इसके साथ ही कहा गया है कि राहुल गांधी की ओर से बताई गई योग्यता उनके दस्तावेजों पर मौजूद योग्यता से मेल नहीं खाती है. वहीँ कई डाक्यूमेंट में राहुल का नाम राहुल विंसी बताया गया है और कई जगहों पर उनका नाम राहुल गाँधी भी है तो हम पूछ रहे हैं कि क्या राहुल गाँधी और राहुल विंसी एक ही आदमी है? इस पर जवाब देने की जरूरत हैं. इसके बाद अमेठी के रिटर्निंग ऑफिसर राम मनोहर ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नामांकन की जांच को 22 अप्रैल तक स्थगित करने के आदेश दे दिए हैं. वहीँ इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी अब राहुल गाँधी हमलावर हो गयी है.

जीबीएल नरसिम्हा राव ने प्रेस कांफ्रेस करते हुए कहा कि ‘आज कांग्रेस और राहुल गांधी को जवाब देना होगा। सबसे चौंकाने वाली बात है राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर है कि वह भारत के नागरिक हैं या नहीं। क्या किसी समय वह ब्रिटिश नागरिक बने या नहीं? 2004 के चुनाव शपथपत्र में उन्होंने कहा कि बैकऑफ्स लिमिटेड नाम की कंपनी में निवेश किया था। 2005 के इस कंपनी के एनुअल रिर्टन में इस कंपनी के कागजात में राहुल गांधी की नागरिकता को ब्रिटिश बताया गया है। क्या राहुल गांधी उस समय ब्रिटेन के नागरिक थे? यह कानून का उल्लंघन है.

इसके साथ उनके क्वालिफिकेशन को लेकर भी सवाल खड़ा किया जा रहा है. पूछा जा रहा है कि आखिर राहुल गाँधी ने कौन सी डिग्री ली है. क्योंकि 2004 से लेकर 2014 में दिए गये हलफनामें में उन्होंने अलग अलग डिग्री का जिक्र किया है.

हालाँकि अब इस घमासान के बीच राहुल गाँधी को सोमवार को जवाब देने के लिए कहा गया है. देखने वाली बात हैं कि राहुल गाँधी की सदस्यता को लेकर फिर से शुरू हुआ घमासान आखिर कहाँ जाकर खत्म होता है.