इस बदतमीज़ महिला की नौटंकी पर चुप क्यों है नारीवादी गिरोह

कुछ दिनों पहले फिल्म आई थी कबीर सिंह, इस फिल्म ने तहलका मचा दिया था. ना सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर बल्कि फेमिनिस्टों के दिलो दिमाग में भी … इस फिल्म ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बहस छेड़ दी थी. फेमिनिस्टों ने आरोप लगाया था की ये एक पुरुषवादी फिल्म है और इसमें औरतों की छवि को बिगाड़ा गया है. दबा कुचला दिखाया हुआ है, ध्यान रखने इस पोस्ट को पढने के बाद नीचे दिया विडियो जरूर देखें.

ये महिला पुणे की सड़कों पर शराब पी कर उत्पात मचाती है .. अपनी कार से दुसरे लोगों की कार को टक्कर मारती है और फिर विरोध करने पर गाली गलौज करती है और कारवाई करने आये पुलिस के सामने कपडे उतारने की धमकी देती है … इस महिला के एक नहीं कई कारनामे पिछले कई दिनों से शोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं .. लेकिन वो नारीवादी गैंग जो कबीर सिंह के पीछे पड़ा था, जिसे कबीर सिंह में हज़ार दोष दिख रहे थे, इस महिला की करतूतों पर आँखें मूंदे गहरी नींद में पड़ा है.

ऐसा भी नहीं है की फेमिनिस्टों की नज़र नहीं पड़ी होगी इस विडियो पर .. अरे फेमिनिस्ट गैंग तो भूसे के ढेर में छुपा नारीवादी एजेंडा ढूंढ लेती है .. फिर इस महिला के एक नहीं बल्कि कई विडियो पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं … हो सकता है फेमिनिस्ट गैंग जिस नारीवाद की बात करते हैं वो यही हरकतें हो जो ये महिला कर रही है …. वैसे भी फेमिनिस्टों को साड़ी, मंगलसूत्र, सिन्दूर, रक्षाबंधन जैसे चीजों से सख्त नफरत है … उनके लिए शराब, सेक्स, गालियाँ ही फेमिनिज्म का सही मतलब है, जरा कल्पना कीजिये अगर यही हरकत किसी पुरुष ने महिला के साथ की होती तो ?

अब तक उस पुरुष को शराबी, ठरकी, समाज के लिए खतरनाक, जानवर और न जाने क्या क्या घोषित कर दिया गया होता … टीवी चैनलों पर लाइव डिबेट चला कर इस ब्रह्माण्ड के समस्त मर्दों को कटघरे में खड़ा कर दिया गया होता, ये महिला तो ये भी कह रही है की “आज गाड़ियों को टक्कर मारी है कल पब्लिक को उडाऊंगी मैं” एक अन्य वायरल विडियो में वो महिला बीच सड़क पर सेना और पुलिस को गन्दी गन्दी गालियाँ दे रही है … इस दौरान आस पास मौजूद लोग उसे रोकने की कोशिश करते हैं .. लेकिन वो किसी की नहीं सुनती, उसकी हरकतों से ऐसा लग रहा जैसे तो उसे शराब पी कर उत्पात मचाने की आदत है .. और कारवाई करने पर सरेआम कपडे उतारने की धमकी देने लगती है …. फेमिनिज़म के झंडबदार इस खबर को भी महिला सशक्तिकरण की तरह पेश कर दें तो ज्यादा आश्चर्य नहीं होगा, पुणे पुलिस को चाहिए की इस महिला पर सख्त कारवाई करे, ऐसी महिलाएं समाज के लिए खतरनाक है.