प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस पार्टी से दिया इस्तीफा, शिवसेना में हुई शामिल

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लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार की सरगर्मी के बीच एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है..कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और बीजेपी सरकार की मुखर आलोचना करने वालीं प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है..और अब प्रियंका चतुर्वेदी शिवसेना में शामिल हो गई हैं, उन्होंने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना ज्वाइन की. शिवसेना में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि मैं मुंबई के लिए काम करना चाहती हूं यही वजह है कि इस दल में शामिल हुई हैं. प्रियंका बोलीं कि कांग्रेस में जब कुछ लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की, लेकिन वापस उन्हें पार्टी में जगह दी जाती है इससे उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचीं.

टीवी डिबेट्स में कांग्रेस का पक्ष रखने वालीं पार्टी प्रवक्ता Priyanka Chaturvedi अपनी पार्टी से नाराज चल रही थी और उन्होंने हाल ही में कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि पार्टी में उन गुंडों को तवज्जो दी जा रही है, जो महिलाओं के साथ बदसलूकी करते हैं..उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया था कि जिन लोगों ने उन्हें धमकी दी उन्हें पार्टी ने यूं ही छोड़ दिया..

दरअसल, प्रियंका ने ट्वीट किया, और लिखा ”गहरा दुःख पहुंचा है कि गुंडों को कांग्रेस पार्टी में उनसे ज्यादा तरजीह दी जाती है जिन्होंने अपना पसीना और खून पार्टी के लिए बहाया। पार्टी के लिए जिन्होंने ईंट-पत्थर और गालियों तक का सामना किया, लेकिन फिर भी उनपर कोई कार्रवाई नहीं की गई..जो लोग धमकियां दे रहे थे, वह बच गए हैं। इनका बिना किसी कड़ी कार्यवाही के बच जाना काफी निराशाजनक हैं।

आपको बता दें कि प्रियंका चतुर्वेदी ने पत्रकार विजय लक्ष्मी शर्मा के एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए इस बात को लिखा, इसके साथ एक चिट्ठी भी जुड़ी हुई है..जारी चिट्ठी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मथुरा में जब प्रियंका चतुर्वेदी पार्टी की तरफ से राफेल विमान सौदे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आई थीं, तब स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी की, इसके बाद सभी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही हुई थी..

चिट्ठी के अनुसार, ज्योतिरादित्य सिंधिया की सिफारिश के बाद इन कार्यकर्ताओं को बहाल किया गया है। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं और लोकसभा चुनाव के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी हैं। हालांकि इस चिठ्ठी पर तारीख 15 अप्रैल 2015 पड़ी है किंतु इसे clerical mistake(क्‍लैरीकल मिस्‍टेक) माना जा रहा है क्‍योंकि अप्रैल 2015 में न तो राफेल मुद्दा था और न सिंधिया उत्तर प्रदेश के प्रभारी बनाए गए थे।

बता दें कि ये मामला बीते साल सितंबर के आसपास का बताया जा रहा है..जब मथुरा में राफेल मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जहां उनके साथ पार्टी के ही कुछ सदस्यों ने दुर्व्यवहार किया। हालांकि, उनकी इस शिकायत के बाद उन सदस्यों को पार्टी से निकाल दिया गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव के ठीक पहले उन्हें फिर से पार्टी में शामिल करने का पत्र जारी किया गया..हालांकि सूत्रो की माने तो प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी नाराजगी से बड़े नेताओं को अवगत भी करवाया था..लेकिन फिर भी उचीत कार्रवाई नहीं होने के वजह से प्रियंका पार्टी से उपेक्षित और दुखी महसूस कर रही थीं..और यही वजह रही की वो पार्टी से इस्तीफा दे दी है..

प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा देकर अपने ट्विटर हैंडल में भी बदलाव कर लिया है. अब उनके परिचय में ब्लॉगर लिखा है, और कांग्रेस की कम्युनिकेशन्स टीम वाला परिचय हट गया है..उसमें जो जानकारी अभी लिखी है उसमें कांग्रेस के बारे में कहीं कोई जिक्र नहीं है..

प्रियंका चतुर्वेदी का इस्तीफा बीच चुनाव में कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है..क्योंकि पार्टी में वह एक तरह से महिला चेहरा की ओर से देखी जाती रही हैं..और टीवी डिबेट्स में वो कांग्रेस का मजबूती से पक्ष भी रखती आई है..ऐसे में प्रियंका चतुर्वेदी का कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देना कांग्रेस के लिए बहुत बड़ी मुसीबत बन सकती है..बहरहाल, कयासों का बाजार गर्म है और ऐसी खबरें भी चल रही है कि वो शिवसेना के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत कर सकती है..लेकिन वो अपनी नई पारी कहा से शुरू करने वाली है इसका जवाब आने वाले दिनों में प्रियंका चतुर्वेदी ही दे सकती है..