टाइम मैगजीन के ‘डिवाइडर इन चीफ’ कवर पर PM मोदी ने तोड़ी चुप्पी

आपको याद ही होगा कि अभी कुछ दिन पहले ही 20 मई 2019 को इंटर नेशनल मैगजीन टाइम ने pm मोदी को अपने कवर पर जगह दी , जिस कवर पर अपनी फोटो छपने के सपने देखते है उस पर pm मोदी को जगह मिली पर साथ ही एक ऐसी उपाधि दी जिसके बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया,उसमें pm मोदी को इंडियास DIVIDER इन चीफ कहा गया था,सीधा कहे तो भारत को बाटने वाला कहा गया था.
हर जगह इस कवर के खूब चर्चा हुई थी,क्यों की मोदी को दुनिया एक वर्ल्ड वाइड लीडर के तौर पर जानती है,विदेशों में भी मोदी का खूब रौला है.. उसके बाद लिबरल कहने वाले लोगों ने और पत्रकारों ने इसे अपने अपने हिसाब से परोसा था,
अप अब इस पर कवर न्यूज़ पर खुद pm नरेंद मोदी का रिएक्शन सामने आया है, एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने News18 के पॉलिटिकल एडिटर अमिताभ सिन्हा और ग्रुप कंसल्टिंग एडिटर ब्रजेश कुमार से बातचीत के दौरान इस मुद्दे पर अपनी बात राखी कि मैं ये समझता हूं कि बीते 20 साल से मेरी छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है लेकिन दिन रात मेहनत के बावजूद उनकी खुद की छवि ख़राब हो गयी है. मुझे अब इन लोगों पर दया आती है. लेकिन हमें ये भी समझना होगा कि ये डिवाइड वर्टिकल है या होरिजोंटल? आज अगर हर गरीब पोलराइज़ हो गया है और जातिगत बंधनो से बाहर होकर सीधा सीधा मोदी में अपनी छवि देखने लगा है तो किसी को इसमें दुःख क्यों हो रहा है. अब गरीब सिर्फ अपना भला नहीं देश का भला भी करना चाहता है. गरीब अगर जात-पात से बाहर आ गया है, पंत संप्रदाय से बाहर आ गया है और अपने बच्चों के भविष्य के लिए आगे आ रहा है तो हमने इस बात पर गर्व करना चाहिए.
वैसे टाइम मैगज़ीन के एशिया एडिशन ने लोकसभा चुनाव 2019 और पिछले पांच सालों में नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज पर लीड स्टोरी बनाई है . जिसकी हैडिंग है है “Can the World’s Largest Democracy Endure Another Five Years of a Modi Government?”
इसके राइटर का नाम है आतिश तासीर ,और इस आर्टिकल में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी ने हिन्दू और मुसलमानों के बीच भाईचारे की भावना को बढ़ाने के लिए कोई इच्छा नहीं जताई.
तो वही मैगजीन में एक और आर्टिकल है जिसमे मोदी को सुधारवादी बताया गया है … इयान ब्रेमर नाम के पत्रकार ने Modi Is India’s Best Hope for Economic Reform टाइटल के साथ लिखा है कि मोदी ही वो शख्स है जो भारत के लिए डिलीवर कर सकते हैं …. इस आर्टिकल में पीएम मोदी की सुधारवादी नीतियों का उल्लेख किया गया है और बताया गया है कि आर्थिक सुधार के उनके कदमों से करोड़ों जिंदगियों में बदलाव आया .. साथ ही मोदी के नेतृत्व में भारत के चीन, अमेरिका और जापान के साथ रिश्तों में सुधार का जिक्र है,और आर्टिकल में नोटबंदी , GST, हर घर में बिजली पहुंचाने वाली सौभाग्य योजना , देश के बुनियादी ढाँचे में सुधार , बेघरों को घर देना और सड़कों और हाइवे का जाल बिछाना जैसे योजनाओं को मोदी सरकार की देश की सूरत बदलने वाली योजना बताया है.

वैसे आलोचन भी उनकी होती है जिनमे कुछ बात होती है, और अगर आपको याद हो तो टाइम मैगजीन ने ही साल 2014- 15 में नरेंद्र मोदी को दुनिया के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक मान चूका है.
खैर pm मोदी ने अपने जवाव से सबका मुह बंद कर ही दिया है, कई एक्साम्प्ल हमने देखे है जो वो अपनी आलोचना को भी बड़े प्यार से स्वीकार करते है ,अक्षय कुमार ने जब एक इंटरव्यू में उनसे उनके उपर बन रहे मिम्स के उपर सवाल किया था तो pm ने बखूबी जबाव दिया था कि वो उसमे में भी लोगों की क्रिएटिविटी देखते है,और दूसरी तरफ ऐसे नेता होते है जो मिम्स या कार्टून से लोगों को जेल तक भिजवा देते है ,अब नाम लेने की जरूरत क्या है आप तो समझ ही गये होंगे कि हम किसकी बात कर रहे है.