प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने जा रहे हैं 21 उम्मीदवार, कितनी मिलेगी सफलता

0
105

प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ रहे हैं, वाराणसी से ही वे सांसद भी रहे हैं. इस चुनाव में मोदी ही विपक्ष के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है तो वाराणसी की सीट पर भी विपक्ष पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने की कोशिश में लगा हुआ है. हालाँकि इस सीट पर भी विपक्ष बंटा हुआ नजर आ रहा है. कांग्रेस ने अलग ही अजय राय को अपना उम्मीदवार बनाया है.. सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी हैं शालिनी यादव… इन सबके साथ ही इस बार वाराणसी से 25 उम्मीदवार मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. जबकि पिछले बार यानी 2014 लोकसभा चुनाव में 41 उम्मीदवारों ने मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा था. लेकिन इस बार के उम्मीदवार आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार, केरल, उत्तराखंड समेत कई राज्यों के हैं और इसमें से प्रत्येक यहां कुछ न कुछ मुद्दे साबित करने आए हैं। सब प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने नही आये हैं बल्कि कुछ तो सरकार का ध्यान कुछ ख़ास मुद्दों की तरफ आकर्षित करने की कोशिश में यहाँ से चुनाव लड़ने जा रहे हैं. महाराष्ट्र से आये एक किसान मनोहर आनंद राव पाटील महात्मा गांधी की तरह कपड़े पहनते हैं और अपने गले में उनका फोटोग्राफ लटकाए रखते हैं उनका कहना है कि “मैं यहां मोदी को हराने नहीं आया हूं। मैं उनका ध्यान किसानों की दुर्दशा और बढ़ते भ्रष्टाचार की ओर दिलाना चाहता हूं।”

मनीष श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ से चुनाव लड़ने वाराणसी पहुंचे हैं श्रीवास्तव का कहना है कि सरकार सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी संतानों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाना अनिवार्य कर दे और सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मुहैया कराए। इससे इन क्षेत्रों में सुधार आएगा और भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिलेगी

उत्तराखंड से वाराणसी चुनाव लड़ने पहुंचे सुनील कुमार इस सीट से चुनाव लड़ रहे  हैं वे गंगा के लिए राष्ट्रीय नदी का दर्जा चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मोदी की तरह मैं भी ‘गंगा पुत्र’ हूं क्योंकि मैं गंगा किनारे रहता हूं।”

लखनऊ के मलीहाबाद से वाराणसी चुनाव लड़ने आये शेख सिराज बाबा का कहना है कि वह गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। उनका मुख्य मुद्दा गायों का संरक्षण और गोकशी पर रोक लगाना है.

वाहों कांग्रेस की तरफ से अजय राय और सपा बसपा गठबंधन की तरह शालिनी यादव प्रमुख उम्मीदवार हैं. विपक्ष इस बार मोदी की घेराबंदी की पूरी कोशिश में लगी हुई है. खबर हैं कि प्रियंका गांधी यहाँ रोड शो करने वाली है..हालाँकि पहले यहाँ से प्रियंका वाड्रा खुद चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी थी लेकिन मोदी के नामांकन से एक दिन पहले किये गये रोड शो से पहले ही कांग्रेस ने यहाँ से अजय राय को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया जो 2014 में भी मोदी के खिलाफ कांग्रेस के उम्मीदवार थे..  नतीजे सामने आये तो अजय राय तीसरे नंबर पर पाए गये.. सपा बसपा के गठंधन ने शालिनी यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था बाद में शालिनी का नाम बिना वापस लिए बर्खास्त जवान तेज बहादुर के नाम का एलान अखिलेश यादव ने कर दिया लेकिन सपा के सिम्बल पर पर्चा भरने के बाद तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द कर दिया गया..क्योंकि दो बार भरे गये नामांकन में अलग अलग जानकारियाँ दी गयी थी..

 अब मोदी की जीत को लेकर बीजेपी पहले से ही कांफिडेंस में हैं. वाराणसी का किला फतह करने के लिए बीजेपी मास्टर स्ट्रोक का इस्तेमाल करने जा रही है. जानकारी के अनुसार बीजेपी की रणनीति के तहत 19 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में होंगे। मतदाताओं से शत-प्रतिशत मतदान की अपील करने के लिए मोदी 18 या 19 को काशी की जनता से संपर्क करने करने सड़क पर भी पैदल चल सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो वाराणसी में वोट प्रतिशत बढ़ सकता है साथ ही साथ आस पास के जिलों में भी इसका असर होगा जो बीजेपी के लिए फायदेमंद होगा.. एक मीडिया संस्थान के सूत्रों के मुताबिक़ 17 को मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर में दर्शन-पूजन करने निकलेंगे। 17 की शाम मोदी दिल्ली लौट जाएंगे और फिर 18 को वाराणसी आएंगे। 18 की रात मोदी वाराणसी में रहेंगे और फिट 19 को दोपहर बाद दिल्ली वापस आयेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम की रूपरेखा व संगठन की अब तक की तैयारियों की रिपोर्ट लेने सोमवार की शाम भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे… आपको बता दें कि वाराणसी में अंतिम चरण यानि 18 मई को वोटिंग होंगी.. नतीजे 23 मई को सामने आयेंगे फिर पता चलेगा कि इस लोकसभा चुनाव में जो एक तरह से मोदी बनाम विपक्ष बन गया है इसमें किसका कितना जादू काम किया है.