अमेरिका ने दिया पाकिस्तान को बड़ा झटका

123

आतंकवाद को पनाह देने के लिए पाकिस्तान को करनी पड़ेगी भरपाई . अमेरिका ने पाकिस्तान के नागरिकों को 5 साल की जगह 3 महीने का वीजा देने के लिए सोचा है .

“जैसी करनी वैसी भरनी” कुछ ऐसा ही हाल अब  पाकिस्तान का हो चुका है . पुलवामा हमले के बाद जहाँ एक तरफ पाकिस्तान को पूरी दुनियां से आलोचना झेलना पड़ रहा था वहीं भारत ने एयर स्ट्राइक कर अपना बदला लेकर पाकिस्तान को फिर से उसकी करनी पर शर्मिंदा कर दिया था. पाकिस्तान के इस दोहरे  रवैये के कारण अमेरिका भी भारत के साथ खड़ा था और उसने एयर स्ट्राइक को सही ठहराया था .

बहरहाल अब पाकिस्तान को अमेरिका की तरफ से एक और झटका लगने वाला है . दरअसल अमेरिका सरकार ने यह निर्णय लेने का सोचा है कि अब पाकिस्तान की जनता को 5 साल के वीजा की जगह लगभग 3 महीने का वीजा दिया जाएगा .

आतंकवाद को पनाह देने की वजह से पाकिस्तान को एक बार फिर से मुश्किलों का  सामना करना पड़ेगा. राजदूत ने इस बात की सूचना सरकार को दे दी है कि नए नियम के मुताबिक अब पाकिस्‍तान के नागरिकों को तीन महीने से ज्‍यादा का वीजा नहीं दिया जाएगा. नए आदेश के अनुसार, वर्क वीज़ा, जर्नलिस्ट वीज़ा, ट्रांसफर वीज़ा, धार्मिक वीज़ा के लिए फीस में बढ़ोतरी भी की गई है. खबर के मुताबिक अभी की तक वीजा के लिए जो फीस ली जाती है उसमें 32 से 38 डॉलर तक की बढ़ोतरी की गई है. जहाँ पहले इसकी कीमत 160 डॉलर थी वही 21 जनवरी से लागू संसोधन में यह 192 डॉलर की हो गई है .

अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता द्वारा बताया गया कि ये फैसला पाकिस्तान की वीजा नीति और कागजातों में शुल्क संशोधन के कारण लिया गया। 

वहीं पाकिस्तान के सरकारी अधिकारियों को वीजा जारी करने के मामले पर अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, ‘अमेरिकी प्रशासन उनकी कार्य अवधि को देखे कर तय करेगा’.प्रवक्ता ने पाकिस्तान पर बात करते हुए कहा कि ‘इस्लामाबाद ने अमेरिकी नागरिकों के लिए वीजा अवधि कम कर दी थी और वीजा के शुल्क को भी पहले ही बढ़ा दिया था’.

आपको बता दें कि पाकिस्तानी राजनयिकों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद पिछले साल मई में पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने भी सहीं वैसे ही प्रतिबंध अमेरिकी राजनयिकों पर भी लगा दिए थे। यह प्रतिबंध  ’पारस्परिक’ यात्रा प्रतिबंधों के तहत लागू हुआ। 

आतंकी हमला हमारे देश के लिए कोई नयी बात नहीं है  इस परेशानी से हम आज से नहीं बल्कि कई दसको से झेल रहे है . अब जब हमने झेलना बंद कर दिया ओर कठोर कदम उठाने लगे है तो सारी दुनिया हमारा साथ निभा रही है .