टेरर फंडिंग न रोकने पर पाकिस्तान हुआ ब्लैकलिस्ट, FATF ने उठाया कदम

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कर्ज में बुरी तरह से डूबे हुए पाकिस्तान को एक और करारा झटका लगा है और साथ ही दुनिया भर में उसकी प्रतिष्ठा की भी धज्जियाँ उड़ गई . अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था ‘फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF)  की एशिया प्रशांत इकाई ने उसे डाउनग्रेड कर ‘ब्लैक लिस्ट’ में डाल दिया है. पाकिस्तान एशिया-पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) के 10 मानकों को पूरा करने में नाकाम साबित हुआ है.

एपीजी की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान अपने कानूनी और वित्तीय प्रणालियों के लिए 40 मानकों में से 32 को पूरा करने में विफल रहा है. इसके अलावा टेरर फंडिंग के खिलाफ सुरक्षा उपायों के लिए 11 मापदंडों में से 10 को पूरा करने में भी पाकिस्तान फिसड्डी साबित हुआ .

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में हो रही है . इससे पहले FATF ने पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में डाला था . पाकिस्तान पिछले एक साल से FATF की ग्रे लिस्ट में था और उसने FATF से पिछले साल जून में ऐंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग मेकेनिज्म को मजबूत बनाने के लिए उसके साथ काम करने का वादा किया था। पाकिस्तान को निर्देश दिया गया था कि टेरर फंडिंग रोकने के लिए 10 एक्शन प्लान पर काम करेगा. इन ऐक्शन प्लान में जमात-उद-दावा, फलाही-इंसानियत, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और अफगान तालिबान जैसे आतंकवादी संगठनों की फंडिंग पर लगाम लगाने जैसे कदम शामिल थे.. लेकिन पाकिस्तान इन एक्शन प्लान को पूरा करने में नाकाम रहा.

पाकिस्तान कैसे उन संगठनों पर लगाम लगाता जिसे उसने खुद पाला पोसा और आगे बढाया है. लश्कर, हक्कानी, तालिबान इन सबको पाकिस्तान जेहादी कहता है. अपना हीरो कहता है तो उसे इसका खामियाजा भुगतना ही था. 3 साल पहले 2016 में पाकिस्तान के दुनिया टीवी पर एक इंटरव्यू में पाकिस्तान के राष्ट्रपति रह चुके परवेज मुशर्रफ ने स्वीकार किया था कि तालिबान को उन्होंने ट्रेन करके भेजा, वो जेहादी था .. पाकिस्तान का हीरो था … हक्कानी, ओसामा बीम लादेन सब को हमने खड़ा किया क्योंकि वो हमारा हीरो था … जवाहिरी हमारा हीरो था.

इमरान खान भी स्वीकार कर चुके हैं कि जिन्हें दुनिया आज दहशतगर्द कह रही है उन्हें पाकिस्तान जेहादी कहता था .. पाकिस्तान ने उनको ट्रेन किया .. वो पाकिस्तान के हीरो थे .. तो जो मुल्क खुद स्वीकार कर रहा है कि उसने आतंकवादी पैदा किये, आतंकवादी उसके हीरो थे, उसे तो दुनिया में ब्लैकलिस्ट तो होना ही था. दरअसल पाकिस्तान का सीधा हिसाब किताब है. दुनिया में आतंकवाद फैलाओ, आतंकियों को ट्रेनिंग दो और फिर उन्हें ख़त्म करने के नाम पर दुनिया भर से पैसे ऐंठों.

FATF से ब्लैकलिस्ट होने के बाद पाकिस्तान की डूबती हुई अर्थव्यवस्था और गर्त में जायेगी ये तो निश्चित है. अब उसे एडीबी, यूरोपियन यूनियन, वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ से कर्ज मिलना मुश्किल हो जाएगा. साथ ही मूडीज, स्टैंडर्ड ऐंड पूअर और फिच जैसी एजेंसियां उसकी रेटिंग भी घटा देंगी.

ये पाकिस्तान की आतंकी और असफल राष्ट्र की छवि का ही परिणाम है कि कश्मीर मुद्दे पर दुनिया का कोई भी देश उसके साथ खड़ा नहीं हुआ. दुनिया भर में अपनी भद्द पिटवाने के बाद भी पाकिस्तान समझने को तैयार नहीं है. और खुद को धीरे धीरे असफल राष्ट्र बनने की राह पर बढ़ा रहा है.