जिनपिंग की चेन्नई यात्रा के दौरान ‘गो बैक मोदी’ ट्रेंड करने के पीछे था पाकिस्तान का हाथ

2970

चीन के राष्ट्रपति सी जिनपिंग के भारत दौरे के लिए तमिलनाडू की राजधानी चेन्नई दुल्हन की तरह तरह सज धज कर तैयार थी.  जिनपिंग की आगवानी के लिए पीएम नरेंद्र मोदी भी चेन्नई पहुँचने वाले थे तभी ट्विटर पर गो बैक मोदी टॉप ट्रेंड करने लगा. कहा जाने लगा कि तमिलनाडू की जनता पीएम मोदी से नाराज है इसलिए उनकी चेन्नई यात्रा के खिलाफ गो बैक मोदी ट्रेंड करा रही है. लेकिन अगर गौर करें तो ऐसी कोई वजह नज़र नहीं आएगी कि विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के सामने तमिलनाडू की जनता अपने पीएम के लिए गो बैक मोदी ट्रेंड कराये.

शुक्रवार को दिन भर ट्विटर पर गो बैक मोदी ट्रेंड करता रहा. फिर ख़ुफ़िया एजेंसियों की जाँच में आया कि इस ट्रेंड का पीछे पाकिस्तान ट्वीटर हैंडल का हाथ था, जिसे कुछ भारतीय भी समर्थन दे रहे थे. इससे पहले भी जब कभी पीएम मोदी तमिलनाडू की यात्रा पर जाते थे तो सोशल मीडिया पर गो बैक मोदी ट्रेंड होता था लेकिन इस बार पीएम मोदी किसी राजनितिक यात्रा पर नहीं बल्कि एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए चेन्नई में थे इसलिए इस बार जब गो बैक मोदी ट्रेंड हुआ तो ख़ुफ़िया एजेंसियों ने उन ट्विटर अकाउंट की छानबीन की जिससे इस हैशटैग के साथ ट्वीट किया जा रहा था.

जब ख़ुफ़िया एजेंसियों ने इस ट्रेंड पर किये जाने वाले ट्वीट की जांच शुरू की तो कई पाकिस्तानी अकाउन्ट्स सामने आये जिनसे लगातार ये ट्वीट किया जा रहा था. ख़ुफ़िया एजेंसियों ने पाया गो बैक मोदी ट्रेंड के साथ करीब 58 प्रतिशत ट्वीट पाकिस्तानी अकाउन्ट्स से किये गए थे जबकि 22 प्रतिशत ट्वीट भारतीय अकाउंट से किये गए थे. इन 22 प्रतिशत भारतीय अकाउन्ट्स में से मात्र 4 प्रतिशत अकाउंट तमिलनाडु के थे.

एक पाकिस्तानी यूजर मुज़ल्लिम असलम ने एक ट्वीट कर इस हैशटैग को टॉप पर ट्रेंड कराने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तानी सेना को थैंक्स कहा था. तो एक अन्य पाकिस्तानी अकाउंट अम्मार खालिद ने इस ट्वीट को टॉप ट्रेंड कराने के लिए तमिलनाडू की जनता को अपना प्यार भेजा था. इस तरह के और भी कई सारे पाकिस्तानी अकाउन्ट्स ख़ुफ़िया एजेंसियों की नज़र में आये जो गो बैक मोदी हैशटैग के साथ ट्वीट कर रहे थे.

इस हैशटैग के साथ जिन भारतीय अकाउन्ट्स से ट्वीट हो रहे थे उनमे से कई अकाउन्ट्स कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे. यूथ कांग्रेस के सोशल मीडिया इंचार्ज राकेश रमैया, 2019 में उत्तर प्रदेश के अमरोहा लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे सचिन चौधरी जैसे क्प्नग्रेस से जुड़े कई ट्विटर हैंडल थे जिन्होंने गो बैक मोदी का इस्तेमाल करते हुए ट्वीट किया. सबसे आश्चर्य की बात ये थी कि राजदीप सरदेसाई जैसे मशहूर और वरिष्ठ पत्रकार गो बैक मोदी ट्रेंड का विरोध करने के लिए भी गो बैक मोदी हैशटैग के साथ ट्रेंड कर रहे थे.

खुद अलगाववाद से जूझ रहा पाकिस्तान भारत में अलगाववाद को बढ़ावा देना चाहता है इसलिए गो बैक मोदी के जरिये तमिल जनता को भड़काने का उसका प्रोपगैंडा तो समझा जा सकता है लेकिन विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के के सामने अपने पीएम के लिए कांग्रेसी और कुछ भारतीय लोगों का एजेंडा समझ से परे है. कांग्रेस मोदी विरोध में इतनी अंधी हो गई है कि अपने ही ओइएम को नीचा दिखाने के लिए दुश्मन देश के साजिशों का साथ दे रही है.