Modilie पर राहुल गांधी को ऑक्सफोर्ड का जवाब,ऐसा कोई शब्द नहीं है डिक्शनरी में

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कुछ नेता ऐसे है जिनका तो अब काम ही लगने लगा है कि पहले झूठ बोलो फिर माफ़ी मांग लो,इसमें पहला नाम तो केजरीवाल का आता है और दूसरा राहुल गाँधी का इन लोगों को ये साथ अक्सर ऐसा होता ही रहता है,कि पहल बिना सोचे समझे कुछ बोल देते है फिर माफ़ी मांगते है..पर इस बार जो राहुल गाँधी जी ने काम किया है वो लिए वो कब माफ़ी मांगेंगे ये पता नहीं…तो पहले हम आपको उनका का वो काम बताते है..दरअसल राहुल गाँधी ने एक ट्वीट करके ये दावा किया था कि डिक्शनरी में एक नया शब्द आया है, और वो शब्द है ‘Modilie’ओए हिंदी में सीधा इसका मीनिंग है लगातार झूठ बोलना होता है.

जब इस वर्ड के साथ राहुल गाँधी ने डिक्शनरी का स्क्रीन शोर्ट भी लगाया था,फिर क्या राहुल गाँधी के इस दबे पर ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी ने जबाव देते हुए ट्वीट किया कि ‘हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि फोटो में जो एंट्री Modilie दिखाई गई है वह फर्जी फेक है। यह हमारी यानी ऑक्सफोर्ड की डिक्शनरी में शामिल नहीं है।आप यहाँ ये ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी का रिप्लाई देख भी सकते है,

अब राहुल गाँधी ने ये काम मोदी का नाम लिखे बिना pm मोदी पर तंज कसते हुए लिखा था,पर इस बार भी राहुल गाँधी सबके सामने झूठे साबित हो गये,पर लगता है उनको इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा क्यों की ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी के रिप्लाई के बाद भी उन्होंने ये ट्वीट डिलीट नहीं किया,पर क्या पता बाद में कर दे पर जब तक हम ये न्यूज़ लिखी गये जबतक ये ट्वीट उनके अकाउंट पर मौजूद था,

फिर कुछ यूजरस ने राहुल को जानकर ट्रोल भी किया ,तो चलिए उन यूजरस के ट्वीट आपको हम दिखाते है,एक यूजर लिखते है मानेगा नहीं फिर ऑक्स्फ़र्ड से भी माफ़ी मगेंगा

तो एक अनिल नाम के यूजर लिखते है अब ये ऑक्सफ़ोर्ड को भी भक्त कहेंगे,तो एक दीक्षा नाम कि यूजर लिखती है कि अब तो ऑक्सफ़ोर्ड ने भी मना कर दिया अब बताओ.

तो एक यूजर लिखते है आफ्टर जेटली नो मोदीली.

तो इन यूजर के ट्वीट के बाद हम आपको बताना चाहते है कि इसी पहले भी राहुल गाँधी ने एक बार अरुण जेटली पर ऐसा ही तंज कसा था। उस बक्त राहुल ने राफेल, मेहुल चौकसी जैसे मुद्दों पर उनपर ‘Jaitlie’ लिखकर करारा तंज कसा था।लेकिन, तब उन्होंने इस वर्ड को बस डिक्शनरी में शामिल होने का दावा नहीं किया था.

तो किसी ने इस मीनिंग के सामने एरो लगते हुए कांग्रेस के ऐड के लिए लिखा है थिस इज कर्मा ,तो कोई लिखत है कि अभी जोक बनाने में व्यस्त हो बाद में कहोगे कि EVM हैक हो गयी.

खैर ये कोई पहला काम नहीं है राहुल गाँधी का,जिस पर उन्हें उल्टा खुद ही झूठा साबित होना पड़ा हो.राफेल मामले में चौकीदार चोर है को लेकर भी वो सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी मांग चुके है.और तो और परिर्कर जी ने भी राफेल मामले को लेकर राहुल गाँधी के झूठ की धज्जियां उड़ा दी थी कि 5 मिनट्स की मीटिंग में मैंने कोई राफेल से रिलेटेड बात नहीं की इनसे..तो क्या इस बार राहुल गाँधी माफ़ी मांगेंगे या नहीं ये तो उनको खुद ही डीईड करना पड़ेगा,क्यों की उनके मन में जो आता है वो वही करते है.

वैसे राहुल गाँधी के साथ साथ केजरीवाल भी उन नेताओं में से एक है जो गलती करते है फिर जब उन्हें लगता है की अब ये बुरी तरह हर जगह फ़ैल गयी है और उनकी पर्सनालिटी को खारव कर सकती है तो वो भी माफ़ी माफ़ी मागने वाला खेल शुरू कर देते है, कपिल सिब्बल, नितिन गडकरी, अरुण जेटली और विक्रम मजीठिया वो नाम है जिन्होंने केजरीवाल के अनर्गल आरोपों पर मानहानि का केस किया तो केजरीवाल को माफ़ी मंगनी पड़ी थी .

पंजाब विधानसभा चुनाव के वक़्त तो उन्होंने बिक्रम मजीठिया पर ड्रग्स बेचने का आरोप लगाया था और दावा किया था की अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स डीलरों ने कई बार मजीठिया का नाम लिया है लेकिन जब मजीठिया ने केजरीवाल को कोर्ट में घसीटा तो केजरीवाल को माफ़ी मांगनी पड़ी

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर अरविन्द केजरीवाल ने ई – रिक्सा के अलावा जमीन घोटाला का भी आरोप लगाया था . केजरीवाल को गडकरी को भारत का सर्वाधिक भ्रष्ट व्यक्ति बताया था और कहा था कि किसी भी कीमत पर माफ़ी नहीं मांगेंगे क्योंकि उनके आरोप सही है लेकिन जब गडकरी ने मानहानि का केस किया तो केजरीवाल को माफ़ी मांगनी पड़ी ,केजरीवाल ने केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली पर DDCA में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे तब जेटली ने केजरीवाल पर 10 करोड़ के मानहानि का केस किया था. बाद में केजरीवाल को अपने आरोपों के लिए जेटली से माफ़ी मांगनी पड़ी थी..खैर ये नेता है बयानों देकर अपना पल्ला झाड़ना इन्हें बखूबी आता है..क्या आपको लगता है इन लोगों की इस बयान बाज़ी और फेक न्यूज़ फ़ैलाने के लिए भी कोई कानून होना चाहिए.