कांग्रेस ने आर्टिकल 370 का विरोध करने के लिए भारत विरोधी ब्रिटिश सांसद से की मुलाक़ात

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क्या आपने किसी को अपनी कब्र खुद खोदते हुए देखा है? अगर नहीं तो कांग्रेस पार्टी पर एक नज़र डाल लीजिये आप खुद ही समझ जायेंगे कि हम ऐसा क्यों कह रहे हैं. कश्मीर से आर्टिकल 370 हटे 2 महीने से ज्यादा बीत चुके हैं, घाटी में हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे हैं. स्कूल और कॉलेज खुल चुके हैं. पर्यटकों पर से पाबंदी हट चुकी है. भाजपा दो राज्यों में होने वाले चुनाव की तैयारियों में लगी है और लगभग 60 सालों तक देश पर राज करने वाली देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस अब तक उस सदमे से नहीं उबर पाई है जो 2 महीने पहले आर्टिकल 370 को ख़त्म करके मोदी सरकार ने उसे दिया है. इस सदमे से कांग्रेस का दिमागी संतुलन इतना बिगड़ गया कि अब उसने दुनिया भर में घूम घूम कर आर्टिकल 370 का विरोध करना शुरू कर दिया है. अब तक ये हरकतें पाकिस्तान करता रहा है.  

दरअसल हुआ ये कि कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने विरोध की सारी हदें पार करते हुए लन्दन में भारत विरोधी ब्रिटिश सांसद जेरेमी कॉर्बिन से मुलाक़ात कर आर्टिकल 370 का विरोध किया है और कश्मीर में मानवाधिकार का मुद्दा उठाया है. जेरेमी कोर्बिन लेबर पार्टी के सांसद है और कश्मीर के मुद्दे पर अक्सर पाकिस्तान के पक्ष में बयानबाजी करते रहते हैं. कोई और ये बात कहता तो शायद कांग्रेस आसानी से मुकर जाती या उसे झुठला देती लेकिन जब जेरेमी कॉर्बिन ने ट्विटर पर खुद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी मुलाक़ात की तस्वीरें साझा की तो कांग्रेस फंस गई.

कॉर्बिन द्वारा शेयर की गई तस्वीर में कमल धालीवाल भी दिख रहे हैं जो यूके में ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष हैं. कॉर्बिन ने ट्वीट करते हुए कहा, “भारत की कांग्रेस पार्टी के ब्रिटिश प्रतिनिधियों के साथ काफी अच्छी मीटिंग हुई. इस मीटिंग में हमने कश्मीर में मानवाधिकार की स्थिति पर चर्चा की. तनाव को तुरंत कम किए जाने की जरूरत है और क्षेत्र में लंबे समय से चल रहा हिंसा और डर का दौर खत्म होना चाहिए.“

गुरुवार की शाम जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई भारत में सियासी भूचाल आ गया. भूचाल आना स्वाभाविक भी था. कांग्रेस अब तक कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का विरोध ट्वीट और भारतीय मीडिया के सामने करती रही है लेकिन इस बार तो उसने सारी हदें पार करते हुए भारत विरोधी ब्रिटिश सांसद के सामने कश्मीर के मानवाधिकार का मामला उठा दिया. भाजपा ने भी मामले को लपकने में देरी नहीं की. भाजपा ने ट्वीट कर कांग्रेस को घेरते हुए कहा, “कांग्रेस को देश की जनता को यह बताना होगा कि उसके नेता विदेश जाकर विदेशी नेताओं से भारत के बारे में क्या बात करते हैं. ऐसे शर्मनाक काम के लिए देश की जनता कांग्रेस पार्टी को करारा जबाव देगी.”

अपने ओवरसीज ब्रांच के इस हरकत के बाद चौतरफा घिरी कांग्रेस बैकफुट पर आ गई. पार्टी का बचाव करने के लिए आनद शर्मा सामने आये. लेकिन रायता इतना फ़ैल चूका था कि उसे समेटना मुश्किल हो रहा था. आनंद शर्मा ने सफाई देते हुए कहा, “यह मामला हमारे ध्यान में आया है। हम गलत ढंग से पार्टी का प्रतिनिधित्व करने को देखकर चकित हैं. इस पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का स्टैंड बिल्कुल साफ और अडिग है. 6 अगस्त को कांग्रेस पार्टी ने प्रस्ताव पास किया था कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ा कोई भी मुद्दा पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है.’ आनंद शर्मा ने ये भी कहा कि देश के भीतर हमारे मतभेद हो सकते हैं. लेकिन कोई भी विषय या घटना, जो जम्मू-कश्मीर राज्य से संबंधित है, वह पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है.

कांग्रेस चाहे लाख सफाई दे लेकिन कश्मीर को ले कर जिस तरह का उसका रवैया रहा है, वो खुद अपनी कब्र खोदने वाला ही रहा है. पहले भी कांग्रेस के बयानों और ट्वीट का इस्तेमाल पाकिस्तान यूनाइटेड नेशन में करता रहा है लेकिन अब तो कांग्रेस ने हद ही पार कर दी है. अब तो कांग्रेस नेताओं के विदेश दौरे पर भी शक होने लगा है कि कहीं वो भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त तो नहीं.