छोटी छोटी घटनाओं पर ट्वीट करने वाले इस घटना पर क्यों चुप है

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तारीख 2 जून … अलीगढ का टप्पल थाना क्षेत्र … सुबह सुबह लोग अपने अपने घरों से अपने अपने काम के लिए निकले …. कुछ लोगों ने कूड़े के ढेर के पास कुत्तों का झुण्ड देखा … वो कुत्ते मांस जैसा कुछ नोच नोच कर खा रहे थे और लगातार भौंक रहे थे .. लोग जब कूड़े के ढेर के पास गए तो देखा कि वो एक 3 साल की बच्ची का शव था,…. कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोच कर खा लिया था… ये देख कर क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई … पुलिस आई और शव को अपने कब्जे में लिया … जब शव को कूड़े के ढेर से बाहर निकाला गया तो पता चला कि इसे जलाने की भी कोशिश की गई थी …. और हाथ पैर उसके शरीर से अलग थे……
ये घटना है अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र की जहाँ सिर्फ आपसी विवाद की वजह से एक मासूम को उसकी कीमत चुकानी पड़ी…. सिर्फ दस हजार रुपये की देनदारी का विवाद था और उस विवाद से हुए बेइज्जती का बदला लेने के लिए ढाई साल की मासूम ट्विंकल का बड़ी बेरहमी से दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी…पुलिस ने दो आरोपी जाहिद और असलम को गिरग्तार किया …
पैसे के लेन-देन को लेकर दोनों बच्ची के पिता और जाहिद के बीच में कहासुनी हुई थी …और उसी कहा सुनी के दौरान जाहिद ने बच्ची के पिता को देख लेने की धमकी भी दी..और बाद में बच्ची के पिता से बदला लेने के लिए जाहिद ने असलम के साथ मिलकर उस मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी.
उसके हाथ- पैर हाथों को उसके शरीर से अलग कर दिया था .. उसके शव को भूसे की बुर्जी में दबा दिया था। लेकिन जब उसमें से दुर्गंध आई तो शव को बाहर लाकर कूड़ेदान में फेक दिया गया, इसी पूरे हत्या को सिर्फ बदले की भावना से जाहिद ने असलम के साथ मिलकर ये पूरी साजिश बनाई थी और 30 जून को जब बच्ची खेलते हुए जाहिद के दरवाजे पर पहुंच गई,तो उसे बिस्कुट के बहाने अपने घर में ले गया,और उसकी हत्या कर दी
जब लोगों ने लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी..उसके बाद बच्ची के परिवार वालों द्वारा भी बच्ची के शव को पहचान लिया गया..
इस घटना को लेकर टप्पल के लोगों में बहुत नाराजगी देखी गए ,लोगों में बहुत आक्रोश फैल गया…यहाँ तक बच्ची के साथ रेप की भी आशंका जताई जा रही थी. लेकिन अधिकारिक तौर पर अभी इसकी इसकी पुष्टि नहीं हुई है …पुलिस के मुताबिक बच्ची का गला दबाकर मारने की बात सामने आई है.. दो लोगों का आपसी विवाद ,एक दूसरे को देख लेने की धमकी देकर बात ख़त्म हुई, लेकिन अगली सुबह ये ढाई साल की बच्ची गयब हो जाति है । दो से तीन दिन बाद बच्ची का शव कूडे के में मिलता है ।बच्ची का शव देखकर किसी की भी रूह काँप उठे ,जिसमें बच्ची की दोनों आँखे निकाल दी गयी और दोनों पैरों के बीच से उसके दो हिस्से कर दिए गए उसके अधजले शरीर को कूड़े में फेंक दिया जाता है…पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा भी है लेकिन अभी तक क्या कारवाही होगी उन पर ये सामने नहीं आया है.
पर सवाल यहाँ ये उठता है कि हमारे समाज का विशेष धडा और विशेष मीडिया समूह इस घटना पर अभी भी चुप्पी साधे हुए है, जो कठुआ रेप केस के समय पर I am ashamed ,justice for our child No placards/candle मार्च .
तो आप ये सलेबिर्टी कहा चले गए ,क्यों अब ये मीडिया गिरोह और ये सलिबिर्टी सामने नहीं आ रहे है ,बेटी को वो भी किसी होगी ना ,तकलीफ तो उसको भी हुए होगी ना , मा बाप उसके भी किस हाल में होंगे ये नहीं सोचा बर्बरता तो उस मासूम के साथ भी हुए है ,बच्ची तो वो भी ढाई ,तीन साल की थी ना. तो ये दोहरा रवैया क्यों है इस घटना पर.