अर्थव्यवस्था को रफ़्तार देने के लिए मोदी सरकार ने की बड़ी घोषणाएं

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस किया और अर्थव्यवस्था में आये ठहराव को रफ़्तार देने के लिए कई घोषणाएं की. वित्त मंत्री ने उपभोक्ताओं के बीच मांग बढ़ाने से लेकर उद्योग जगत को भी राहत देने के उपायों का ऐलान किया. बीते कुछ समय से ऑटो सेक्टर में आई मंदी को लेकर भी वित्त मंत्री ने कुछ बड़ी घोषणाएं की.

प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री ने मंदी के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वार के कारण मंदी आई है और इस मंदी से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के देश जूझ रहे हैं. उन्होंने कहा कि सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और देश में लगातार आर्थिक सुधार हुए हैं. भारत की अर्थव्यवस्था दूसरे देशों के मुकाबले काफी बेहतर हुई है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार पर ;लगातार आरोप लग रहे हैं कि टैक्स को लेकर लोगों को परेशान किया जा रहा है. लेकिन ऐसा है नहीं. हम टैक्स और लेबर कानूनों में लगातार सुधार कर रहे हैं. उन्होंने घोषणा किया कि टैक्स नोटिस के लिए केंद्रीय सिस्टम होगा और टैक्स के लिए किसी को परेशान नहीं किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि 1 अक्टूबर से केंद्रीय सिस्टम से नोटिस भेजे जाएंगे. जिससे टैक्स उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगेगी.

वित्त मंत्री ने सरकारी बैंको के लिए 70,000 करोड़ रुपये का ऐलान किया. ऐसे में बैंकों के लिए नए कर्ज देने में कोई परेशानी नहीं होगी.

  • ये रही वित्त मंत्री द्वारा कि गई प्रमुख घोषणाएं :
  • शेयर बाजार में कैपिटल गेन्स से सरचार्ज हटेगा
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FPI पर भी अतिरिक्त सरचार्ज को वापस लिया जाएगा
  • सरकार ने बैंकों को 70,000 करोड़ रुपये जारी करने का ऐलान किया
  • कॉर्पोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी के उल्लंघन को उन्होंने क्रिमिनल केस नहीं बनेगा
  • स्टार्टअप्स पर लगने वाले ऐंजल टैक्स अब नहीं लगेगा
  • स्टार्ट अप टैक्स निपटारे के लिए अलग सेल बनेगा
  • लोन क्लोज होने के बाद सिक्यॉरिटी रिलेटेड डॉक्यूमेंट बैंकों को 15 दिन के अंदर देना होगा
  • 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए BS-4 वाहन मान्य होंगे
  • EV और BS-4 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन जारी रहेगा टैक्स के लिए किसी को परेशान नहीं किया जाएगा