गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का प्रस्ताव पेश किया, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

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भारत के इतिहास में आज एक अभूतपूर्व दिन है . गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू -कश्मीर से धारा 370 हटाने का प्रस्ताव पेश किया . लोकसभा में भाजपा अकेले बहुमत में है इसलिए इस प्रस्ताव के लोकसभा में पास होने में कोई दिक्कत नहीं आएगी . गृहमंत्री के प्रस्ताव पेश करते ही राज्यसभा में हंगामा हो गया .

इससे पहले सोमवार को सुबह सुबह ही मोदी कैबिनेट की बैठक हुई और उससे पहले CCS की बैठक हुई उस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह और NSA अजीत डोवाल भी मौजूद थे . राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी तीन देशों की यात्रा से लौट कर वापस आ गए .

इससे पहले रविवार देर रात कश्मीर के हालात तेजी से बदलने लगे . राज्य में देर रात इंटरनेट सेवाओं और टेलीफोन सेवाओं पर रोक लगा दी गई .कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दिया गया . कश्मीर के सभी नेताओं महबूबा मुफ़्ती, उमर अब्दुल्ला और सज्जाद लोन को उनके घरों में नज़रबंद कर दिया गया  और सभी स्कूल कॉलेजों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया . 

एक तरफ जम्मू और कश्मीर में धारा 144 लगाई गई है तो दूसरी ओर लद्दाख में हालात सामान्य हैं. लोग आसानी से बाजार जा रहे हैं और जरूरत का सामान ले रहे हैं. पिछले एक हफ्ते से जम्मू और कश्मीर के हालात तेजी से बदलने शुरू हुए . घाटी में बड़ी संख्या में फ़ौज को भेजा जाने लगा, अमरनाथ यात्रा बीच में ही रुकवा कर यात्रियों को वापस भेज दिया गया और पर्यटकों को कश्मीर छोड़ने का आदेश जारी किया गया था जिसके बाद बेचैनी बढ़ने लगी थी और सबको आशंका हो रही थी कि शायद सरकार ने आर्टिकल 35A हटाने का फैसला कर लिया है . 

हालाँकि भाजपा की सहयोगी जेडीयू ने साफ़ किया है कि वो आर्टिकल 35A हातान एके सरकार के फैसले का विरोध करेगी .