आखिर दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच क्यों हुआ विवाद! पुलिस पर गिरेगी गाज?

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इन तस्वीरों को जरा ध्यान से देखिये. गौर से देखिये ये किसी दंगे की तस्वीर नही है.. ये किसी छोटे शहर में हुई घटना की तस्वीरें नही है.. बल्कि ये उत्पात है राजधानी दिल्ली के वकीलों का.. कानून का रखवालों का.. छोटे से विवाद में कानून के रखवाले ऐसे उलझे कि कानून का धज्जियां उड़ाने में इन वकीलों को जरा सी भी शर्म नही आई..

दिल्ली का तीस हजारी कोर्ट परिसर…वकील और पुलिस वालों के बीच पार्किंग को लेकर विवाद हुआ.. इसके बाद मामला कहाँ तक पहुंचा इसका अंदाजा आप इन तस्वीरों से लगा सकते हैं… जो खबर मिल रही है उसके मुताबिक़ पुलिस लॉकअप के सामने पार्किंग की बात को लेकर पुलिस और वकील के बीच विवाद शुरू हुआ… इसके बाद बात हाथापाई तक पहुँच गयी. वकील के समर्थन में कोर्ट के वकीलों ने जो बवाल किया है उससे क्या सन्देश निकलता है ये भी एक सवाल है. वकीलों का कहना है कि गाड़ी टकराने के बाद पुलिस वकील को पकड़कर ले गई और वहां लॉकअप में वकील को पीटा. जिसके बाद यह बवाल शुरू हुआ.

खबरों के मुताबिक हिंसा भड़कने के बाद पुलिस की नौ गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया. वकीलों का कहना है कि पुलिस ने गोली चलाई है और गोली से दो वकील घायल हो गये .. हालांकि पुलिस ने इनकार किया है कि उसकी तरफ से गोली चलाई गई. इस घटना में दो वकील घायल हुए हैं. घायल वकीलों को सेंट स्टीफेंस अस्पताल में भर्ती कराया है. न्यूज एजेंसी एनएनआई के मुताबिक वकीलों ने पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी की है और उनके फोन तक छीन लिए. इतना ही एक वीडियो ऐसा भी सामने आया है जिसमें वकील ये कहते हुए सूना जा सकता है वीडियो मत बना.. डिलीट कर दे..ये बातें रिक्वेस्ट करते हुए नही कही गयी है बल्कि धमकाते हुए कहा गया है. वीडियो में वकील किस तरह से आगजनी कर रहे हैं..

पुलिस के साथ मारपीट कर रहे हैं इसका सबूत ये वीडियो ही है.. हालाँकि पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए वकीलों पर लाठीचार्ज की है ऐसे भी खबरें सामने आ रही है. वहीँ एडिश्नल डीसीपी हरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने धमाकों के जरिए गेट खोलने के लिए 2-3 बाईकें भी जला दीं, लेकिन हमने अंदर पीने वाले पानी की मदद से आग बुझधा दी लेकिन अंदर धुंए की वजह से दम घुटने लगा. जिसके बाद हमने एक मानव श्रृंखला बनाई और सभी को एक अलग लॉकअप में स्थानांतरित कर दिया… उन्होंने ये भी कहा है कि अगर गोली चली है तो मेडिकल रिपोर्ट में सामने आ ही जायेगा..

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस एसएन ढींगरा ने शनिवार देर शाम आईएएनएस से बातचीत में कहा कि “भारत में ज्यादातर वकील मानते हैं कि जैसे बस वे ही कानून, जज और अदालत हैं. अधिकांश वकील सोचते हैं कि मानो कानून वकीलों से चलता है, न कि जज-अदालत और संविधान से. जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है. सबके मिलने से ही देश और कानून चला करता है.”

बात तो सही है कि अगर कानून के रक्षक इस तरह से हुडदंग करेंगे, बवाल करेंगे.. दंगा करेंगे.. तो इसे कानून का मजाक बनाने के अलावा और क्या कहा जा सकता है? इस तरह के मामले में जल्द जल्द जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए..वहीँ दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है कि दोषी पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और घायलों को मुआवजा दिया जाये.