बाराबंकी में एक युवक की कुल्हाड़ी से हुई हत्या

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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक व्यक्ति कि धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर देने का मामला सामने आया है. ये घटना जाटा बरौली गाँव कि है. मृतक का नाम संदीप मिश्र उर्फ़ चुनमुन पंडित सामने आ रहा है. परिजनों के मुताबिक रात में संदीप मिश्रा गाँव स्थित ठेके पर गया था लेकिन उसके बाद वो घर नहीं लौटा जिससे उसके परिजन परेशान हो गये.

अगले दिन सुबह 7 बजे लोगों ने संदीप का शव शराब के ठेके के बाहर पड़ा देखा जिसके बाद गाँव वालो ने डायल 100 पर फ़ोन कर पुलिस को सूचित किया. संदीप के चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया है और जिस कुल्हाड़ी से हत्या की गयी है वो भी पुलिस ने बरामद कर ली है.

मृतक के भाई ने जुनेद, अहमद अली और जीतेन्द्र पर हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस के मुताबिक शराब के ठेके के बाहर जुनेद ने अंडे वाले के पैसे नहीं देने के बाद उससे मारपीट की थी. मौके पर संदीप मिश्रा ने अंडे वाले को पिटने से बचा लिया था जिसका बदला जुनेद ने संदीप से उसकी हत्या करके लिया.

संदीप कि माँ और बहन ने बताया कि एक रात पहले जुनैद और अहमद अली घर आये थे और उन्होंने संदीप को जान से मार देने कि धमकी भी दी थी. संदीप कि हत्या के दौरान मौके पर भीड़ थी लेकिन किसी कि बीच बचाव करने कि या पुलिस को फ़ोन करने कि हिम्मत नहीं हुई. कुछ रुपए के लिए किसी कि जान लेना बहुत ही गंभीर मामला है.

कई बार ऐसे अपराध होते तो हैं लेकिन उनपर उचित कार्रवाई नहीं होती. तो इसीलिए ये हमारी और सभी मीडिया संस्थानों कि ये जिम्मेदारी है कि ऐसी ख़बरों को दिखाए ताकि ऐसे मामलों में सही कार्रवाई जल्द से जल्द हो.

ये खबर ज़रूरी इसलिए भी क्योंकि जिस दिन बाराबंकी में ये घटना हुई उसी दिन हरयाणा के गुरुग्राम में भी एक मामला सामने आया था जहाँ एक मुस्लिम परिवार को कुछ लोग पीट रहे थे.

इस खबर को तमाम पत्रकार, अख़बार, और मीडिया अख़बारों ने खूब उठाया था. इस घटना को एक कम्युनल कलर देने कि कोशिश की. इस खबर को ऐसे दिखाया गया जैसे कि हिन्दुओं ने सोची समझी साजिश के तहत इस परिवार के साथ मार पीट की और उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए कहा. हद तो इंडिया टुडे ग्रुप ने तब कर दी जब उन्होंने खबर चलाई कि मुस्लिम परिवार को होली के दिन क्रिकेट खेलने पर उनकी पिटाई कर दी गयी और उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए बोला.

इस रेस में सिर्फ पत्रकार नहीं बल्कि कई नेता भी शामिल थे. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने तो इस घटना का जिम्मेदार सीधे-सीधे प्रधानमंत्री मोदी को ही ठहरा दिया. एक और ट्वीट में उन्होंने पूछा कि हिन्दुओं के किस ग्रन्थ में लिखा है कि मुसलमानों को मारो.

वहीं राहुल गाँधी ने भी इस घटना का जिम्मेदार बीजेपी और आरएसएस को ठहरा दिया. इन सभी लोगों ने इस घटना में हिन्दू मुसलमान करने कि कोशिश की लेकिन पुलिस कि छानबीन के बाद ये बात सामने आई कि इस घटना में कम्युनल एंगल दूर दूर तक नहीं है.

पुलिस के मुताबिक होली पर कुछ लोग क्रिकेट खेल रहे थे उसी समय दो बाइक सवार शराब के नशे में आते हैं और कहते हैं कि उन्हें भी क्रिकेट खेलना है. इसके बाद उन दो लड़कों कि क्रिकेट खेल रहे लड़कों से बहस हो जाती है. क्रिकेट खेल रहे लड़कों में से एक लड़के कि इन दो बाइक सवारों से झड़प हो जाती है और बाइक सवारों में से एक का इस झड़प में सर फट जाता है और उसे 15 टाके भी आते हैं. इसके बाद ये दो लड़के अपने भाई और दोस्तों को फ़ोन करते हैं. उसके बाद जो मार पीट हुई वो आप सभी ने उस वीडियो में देखी.

हमने आपको दिखाया कि इंडियन मीडिया कैसे दो लोगों के बीच कि लड़ाई को हिन्दू और मुसलमान कि लड़ाई बताती है और भारत को बदनाम करने कि कोशिश करती है. ऐसा ये पहली बार नहीं हुआ है. आपको बता दें कि हाल ही में कुम्भ से आये एक संत को गाँव के दो दबंग नूर और अली ने मंदिर में घुसकर अधमरा कर दिया और संत को मरा समझ कर वहां से भाग गए. ये घटना तब हुई जब संत मंदिर में आरती कर रहा था. संत का गुनाह सिर्फ इतना था कि उसने कुम्भ में हुए अच्छे इंतज़ाम की तारीफ कर दी थी.

यहाँ सवाल ये खड़ा होता है कि क्या इन संत और संदीप मिश्रा कि जान की कोई कीमत नहीं थी? आखिर इंडियन मीडिया ने इन ख़बरों को क्यों नहीं उठाया? इस खबर से आपको कुछ लोगों द्वारा देश को बदनाम करने की साजिश का पता चल गया होगा. तो आगे से अगर आप कभी कोई हिन्दू मुसलमान झगड़े कि खबर सुने तो उस खबर को ज़रूर वेरीफाई क्रॉस चेक कर लें.