इस महिला पुलिस अफसर की जाबाज़ी को हर कोई कर रहा सलाम

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एक कुख्यात अपराधी से पूरा शहर परेशान है… एक दिन पुलिस उसको पकड़ने का प्लान बनती है  है … प्लान इम्प्लीमेंट होने से पहले ही वह पुलिस स्टेशन के पास से गुजरता है…… पुलिस उसका पीछा करती है… लेकिन वो अपराधी जान बचा कर भागने लगता है….और फिर पुलिस की टीम  उसका पीछा करती है …. वो जिधर भागता है पुलिस उसके पीछे उधर दौड़ती है … और पुरे 40 मिनट के रनिंग के बाद वो अपराधी पकड़ा जाता है…

वैसे ये सुनकर आपको कौन सी फिल्म याद आ रही …  सिम्बा  या फिर सिंघम ? वैसे दोनों एक ही है… कहानी दीलेर पुलिस ऑफिसर की….

लेकिन! लकिन! लेकिन ! ये जो मैंने  आपको कहानी सुनाई वो किसी फिल्म का स्क्रीन प्ले नहीं था बल्कि सच्चाई थी… सच्ची घटना कह लीजिये…. दरअसल कुछ दिनों पहले यह घटित हुआ है उत्तरप्रदेश की अलीगढ  की गलियों में..  ये कहानी है  एक कुख्यात अपराधी और एक महिला पुलिस ऑफिसर की … जी हाँ आजकल उन्हें अलीगढ की लेडी सिंग्हम भी कहा जा रहा… अरुणा राय नाम है उनका….

 हुआ कुछ ऐसा था कि  अलीगढ़ में चेकिंग के दौरान एक कुख्यात बदमाश वीरेंद्र को दो किलोमीटर तक सड़क पर दौड़ाकर पकड़ा….. चेकिंग के दौरान बदमाश ने कार पुलिस के ऊपर चढ़ाते हुए भाग निकला……. रस्ते में पड़ने वाले करीब 7 लोगों को धक्का दिया….. वो पुलिस पर फायरिंग भी कर रहा था… जैसे ही अरुणा ने बदमाश का गिरहबान पकड़ा उसने अरुणा पर पिस्टल तान दी……..

दरअसल यह  वाकया  दोपहर के समय का है….बन्नादेवी थाने के सामने से एक गुजरती एक सेट्रों कार चालक की गतिविधि पर इंस्पेक्टर को शक हुआ।…..संदिग्धता के आधार पर उन्होंने एक दरोगा को कार का पीछा कर उसे रोकने को कहा…. दरोगा कार के पीछे लग गया….. पुलिस के पीछे लगने पर सेंट्रो कार चला रहे बदमाश बलिया ने कार तेज स्पीड में कर दी।….इससे उसकी कार की चपेट में तीन-चार राहगीर भी आ गए……

वैसे हड़बड़ाहट में उसने कई राहगीरों को कार से टक्कर मारकर घायल भी कर दिया… मगर, चौराहे  पर लगे जाम में वह फंस गया….. जब वह पुलिस के सिकंजे में फस गया तो पुलिस इंस्पेक्टर पर पेस्टल तान दिया…… मगर, इंस्पेक्टर अरुणा राय ने बदमाश को पीछे से घेरकर उसके सिर पर पिस्टल तान उसे दबोच लिया …..पुलिस देर रात तक बलिया से पूछताछ में जुटी रही….

वैसे आपको बतादें उसके अपराधी के खिलाफ एक दर्जन से अधिक मुकदमे हैं…. उससे पूछताछ कर पता लगाया जा रहा है कि वह किसी वारदात को अंजाम देने के लिए तो शहर नहीं आया था वैसे उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है….

वैसे अब बात करते है पुलिस के इस जांबाजी की … जहां  एक तरफ लोग  हमारे देश में पुलिस कर्मियों की कर्मठता और इमानदारी पर संदेह करते है … वहीँ इस लेडी पुलिस ऑफिसर की जाबाज़ी ने काफी काफी कुछ बदल कर रख दिया है … ख़ास कर के लोगों की सोच…

जान को लेकर लोग बहुत इमानदार होते हैं लेकिन काम को लेकर कम… अरुणा राय  ने यह साबित कर दिया की ड्यूटी comes फर्स्ट .. और इनसे अबको सीख लेनी चाहिए… हम चौपाल परिवार अरुणा राय के इस जज़्बे को सलाम करते है…..