“जय श्री राम” को लेकर आखिर क्यों बोला जा रहा है झूठ?

320

जय श्री राम को लेकर देश में बवाल, हंगामा बहुत पहले से होता आ रहा है. कोई शुभ काम की शुरुवात करने से पहले जय श्री राम पूरी ताकत से बोलने की परम्परा भारतीय लोगों में रही हैं. लेकिन अब जय श्री राम से कुछ लोगों को डर लगने लगा है तो कुछ लोगों को जय श्री राम शब्द से ही चिढ होने लगी है. इसके साथ आजकल जय श्री राम के नाम पर लोगों को पीटने की भी कुछ घटनाएँ सामने आ रही हैं, जिसमें कुछ लोग किसी एक व्यक्ति से जबरदस्त जय श्री राम बुलवाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. इस तरह की कुछ घटनाएँ सामने आई और सच भी पायी गयी लेकिन अब तो ये किसी फैशन की तरह हो गया है कि मारपीट और आपसी विवाद को भी जय श्री राम वाले विवाद से जोड़ने लगे हैं. दिल्ली गुरुग्राम पशिचम बंगाल की घटनाएँ इस बात को साबित कररही हैं कि किस तरह अब लोग जय श्री राम का फायदा उठाने की कोशिश में लगे हुए हैं. ये भी उतना ही सच है कि जल्द ही इन लोगों का पर्दाफ़ाश भी हो गया है.


ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर का है जहाँ बुधवार की आधी रात को एक ऑटो चालक आतिब को कुछ लोगों ने पीट दिया. बाद में कथित तौर पर आतिब ने आरोप लगाया कि उसे ‘जय श्रीराम’ नहीं बोलने की वजह से पीटा गया था. हालांकि, पुलिस की जांच में दूसरी ही कहानी सामने आई है. इससे पहले आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की एक ऐसी घटना सामने आ चुकी है जिसमें आप्सी मियां भाई जान ने असगर अली भाई जान से जबरदस्ती जय श्री राम बुलवाने की थी, असगर के साथ मारपीट भी की गयी थी.


खैर कानपुर के आतिब भाई जान के साथ हुई घटना पर एसपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया, शुरुआती जांच में पता चला है कि पीड़ित और आरोपी एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे. उसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और फिर मारपीट हुई. जय श्रीराम के नारे लगवाने के विरोध में पीटने की बात गलत है. बाकी आरोपों की जांच की जा रही है. ये पुलिस का कहना है लेकिन इस घटना को फैलाया इस तरह गया जिससे कि माहौल बिगडे, कुछ लोगों को कैंडल मार्च करने का मौका मिले लेकिन इस बार फेल हो गया,
दरअसल खबर थी कि कुछ लोग आतिब भाई की पिटाई कर रहे थे इसका विरोध करने पर उसे टॉयलेट में बंद कर दिया गया और सिर पर पत्थर से मारा गया. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाके में मॉब लिंचिंग की अफवाह फैल गई थी. शहर में लोगों की जुबान पर ये फसाना था कि ऑटो वाले को ‘जय श्रीराम’ कहने को कहा गया. जब उसने मना किया तो उसपर हमला कर दिया गया.

लेकिन अब पुलिस की तफ्तीश में कुछ और ही सच्चाई सामने आई.बाबूपुरवा नई बस्ती निवासी आतिब ऑटो चलाता है. उसके परिजनों ने बताया कि रात करीब नौ बजे आतिब घर आ रहा था. तभी बाकरगंज चौराहे पर खटिकाना मोहल्ला निवासी सुमित, राजेश और शिवा ऑटो में बैठ गए और चारराड चौराहे तक छोड़ने को कहा.
हालाँकि ये सोचने का विषय है कि कैसे और कब इस मसले को मॉब लिंचिंग और जय श्री राम से जोड़ दिया गया, वैसे अब जय श्री राम का कुछ लोग इस्तेमाल कर रहे हैं कुछ लोगों को बदनाम करने के लिए! खैर हम आतिब भाई जान के स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं.