मोदी सरकार की पहल पर जम्मू-कश्मीरऔर लद्दाख में जुटेंगे 2000 निवेशक

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जम्मू-कश्मीर में निवेश बढ़ाने के लिए राज्य का प्रशासनिक महकमा सक्रिय हो गया है. इसी सिलसिले में राज्य में पहली बार इंवेस्टर्स समिट आयोजित किया जा रहा है. जम्मू-कश्मीर के प्रधान सचिव एन के चौधरी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2019 के बीच ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट आयोजित करने का फैसला लिया है. श्रीनगर में 12 अक्टूबर को इस कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी. इस कार्यक्रम में लगभग 2000 से ज्यादा निवेशकों को न्यौता दिया जाएगा. ये सम्मेलन दो हिस्सों में होगा, पहला हिस्सा श्रीनगर और दूसरा जम्मू में आयोजित किया जाएगा. 

इस मामले से जुड़े अधिकारियों ने कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के साथ मिलकर रोड शो और पश्चिम एशिया, मलयेशिया और सिंगापुर के अधिकारियों से मिलकर जम्मू और कश्मीर में इन्वेस्टमेंट के लिए आमंत्रित करने की योजना बनाई है. जम्मू-कश्मीर के इंडस्ट्री और कॉमर्स सेक्रटरी नवीन कुमार चौधरी ने कहा कि, ‘हमने सभी बड़े और मझोले कारोबारियों से बातचीत की है. राज्य की भौगोलिक दशा के हिसाब से हम बड़ी के बजाय मझोली और छोटी कंपनियों को लाने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं.’

टीसीएस iON के ग्लोबल हेड वेंगुस्वामी रामास्वामी ने बताया, ‘हम रेल और रोड की खराब कनेक्टिविटी जैसी चुनौतियों को पहले उठा चुके हैं. हमारी यह भी चिंता है कि राज्य के माहौल को किस तरह से निवेशकों के अनुकूल बनाया जाएगा।’ आईटीसी के सम्मेलन में हिस्सा लेने की पुष्टि करते हुए कंपनी प्रवक्ता ने बताया, ‘हमारी मौजूदगी ऐग्रिकल्चर, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज में लगातार बढ़ रही है। हम लगातार अलग-अलग राज्यों में निवेश के मौके भी तलाश रहे हैं. जम्मू-कश्मीर में इंवेस्टर्स समिट से हमें राज्य में निवेश के माहौल का जायजा लेने में मदद मिलेगी.’  मुकेश अम्बानी ने घाटी में निवेश करने के लिए 12 अगस्त को बड़ा ऐलान किया था. इससे वहा के युवओं के लिए रोजगार के मोके मिलेंगे और वहा के हुनर को एक नयी पहचान मिलेगी.