कश्मीर पर भारत के खिलाफ जाने की कीमत चुकाएगा मलेशिया

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जब भारत ने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का निर्णय लिया तो दुनिया के तमाम बड़े देशों ने इसे भारत का आतंरिक मामला बताया और भारत के साथ खड़े रहे. लेकिन तुर्की और मलेशिया ने खुल कर पाकिस्तान का साथ दिया. मलेशिया के राष्ट्रपति महातिर मोहम्मद ने संयुक्त राष्ट्र जनरल असेम्बली में अपने भाषण में कहा था कि भारत ने कश्मीर पर जबरदस्ती हमला कर के कब्ज़ा कर लिया है. भारत ने मलेशिया के इस बयान पर आपत्ति जताई थी लेकिन भारत की आपत्तियों के बावजूद महातिर ने कहा कि वो आने वाले समय में भी विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाते रहेंगे.

महातिर के इस बयान के बाद भारत ने समझ लिया कि अब आपत्तियों से काम नहीं चलेगा तो मलेशिया को सबक सिखाने के लिए अब कड़े कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है. भारत मलेशिया के साथ अपने द्विपक्षीय व्यापार को सिमित करने पर विचार कर रहा है. भारत और मलेशिया के बीच सबसे ज्यादा व्यापार पाम आयल का होता है. सरकार और इंडस्ट्री के सुत्रों का कहना है कि इस संबंध में हाल ही में मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉमर्स की मीटिंग हुई और सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है.

भारत पाम आयल का सबसे बड़ा आयातक है. हर साल भारत में करीब 90 लाख टन पाम आयल आयात किया जाता है और इनमे से भी 2 तिहाई अकेले मलेशिया से ही आयात होता है. इस साल के शुरूआती 9 महीनों में यानी कि सितंबर तक मलेशिया से पाम आयल आयत करने के मामले में भारत पहले नंबर पर रहा. इस अवधि में भारत ने 39 लाख टन पाम आयल खरीदा.

भारत मलेशिया के अलावा इंडोनेशिया से भी पाम आयल आयात करता है. मलेशिया के साथ कारोबारी रिश्ते सिमित करने के बाद भारत विकल्प के तौर पर इंडोनेशिया, अर्जेंटीना और युक्रेन के साथ अपने आयात बढाने पर विचार कर रहा है.

इससे पहले भारत ने तुर्की को भी उसके पाकिस्तान समर्थक बयानों के लिए बड़ा झटका दिया था. भारत ने तुर्की के साथ होने वाले 2.3 बिलियन डॉलर के एक समझौते को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया था. भारत सरकार ने पहले ही कहा है कि कश्मीर भारत का आतंरिक मामला है और इस मामले में बोलने का किसी को अधिकार नहीं. लेकिन तुर्की और मलेशिया ने भारत के आतंरिक मामले में टांग अड़ाया तो अब उन्हें इसकी कीमत चुकाने को भी तैयार रहना चाहिए.