चीन ने दिखाई आंखे तो भारत ने दिया उसी की भाषा में जवाब

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आपने एक स्लोगन तो सुना ही होगा चीनी..हिंदी भाई भाई.. लेकिन चीन ऐसा देश है जो आँखे दिखाकर अपने पड़ोसियों पर दबाव बनाने की कोशिश करता है. इसमें वो कई साल पहले तक सफल होता रहा है. मतलब अपनी बात मनवाने के लिए चीन हर हथकंडा अपनाता ही है चाहे उसके लिए किसी भी स्तर पर जाना पड़े.. इस समय चीन काफी परेशान है.. और परेशानी की वजह है कि भारत उसकी बात नही मान रहा है.. ऐसे में चीन भारत को आंखे दिखा रहा है अब आप सोच रहे होंगे कि किस मुद्दे पर… तो चलिए हम आपको बताते हैं..

दरअसल चीन की एक कम्पनी है हुवावे… इस कम्पनी को लेकर चीन ने भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की.. धमकी दी लेकिन भारत ने भी करारा जवाब दिया है..दरअसल चीनी कम्पनी हुवावे पर भारत ने प्रतिबंध लगा दिया था.. हुवावे 5जी तकनीक का पूरी दुनिया में प्रसार करने पर काम कर रहा है लेकिन अमेरिका, कनाडा, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने इस कंपनी पर इन देशों की सुरक्षा से समझौता करने और चीनी सेना के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है… और इस पर प्रतिबन्ध लगा दिया है.. साधारण भाषा में कहे तो चीन की ये कम्पनी एक जासूस की तरफ काम करने वाली थी.. कई देशों ने इसे सुरक्षा के लिए खतरा मानकर इस पर रोक लगाने का फैसला लिया.. इसके बद अमेरिका और चीन के रिश्तों के खटास आई.

जब कम्पनी पर कई बड़े आरोप लगे तो भारत में भी इस कम्पनी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जाने लगी. तब चीन ने भारत के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि , ‘अगर हुवावे पर भारत में व्यापार करने पर प्रतिबंध लगाया जाता है, तो चीन अपने यहां कारोबार करने वाली भारतीय फर्म पर प्रतिबंध लगाने के लिए स्वतंत्र होगा’. मतलब चीन एक तरह से भारत को धमका रहा था इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने भी चीन को उसी की भाषा में जवाब दिया है.. भारतीय अधिकारियों की तरफ से कहा गया कि  अगर चीन अपनी चिंताओं को कूटनीतिक माध्यम से भारत सरकार तक पहुंचाता, तो अच्छा रहता। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि चीन द्वारा खुले तौर पर भारत को धमकी देने की वजह से अब भारत सरकार के रुख में भी बदलाव आएगा और हुवावे को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन की कंपनी हुवावे को लेकर भारत की चिंताओं को व्यापार नीति नहीं बल्कि सुरक्षा नीति से जोड़कर देखा जाना चाहिए.

यहाँ आपको ये जरूर जानना चाहिए कि हुवावे कम्पनी पर कई देश बड़े गंभीर आरोप लगा चुके हैं..इन देशों को शक है कि ये कम्पनी उनकी सुरक्षा में सेंध लगाकर महत्वपूर्ण जानकारियां चीनी सेना से साझा कर सकती है.. इसीलिए पश्चिमी देश हुवावे को अपने यहां 5जी ट्रायल करने की इजाजत नहीं दे रहे हैं…वैसे पहले भी इस कम्पनी पर आरोप लगे थे कि कंपनी अपनी सेवाओं के बदले अपने क्लाइंट्स के कुछ गोपनीय जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही थी। हुवावे के फाउंडर की बेटी और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर मेंग वांझाऊ पर भी पहले ही फ्रॉड के चार्ज लगे हुए हैं. भारत में इसपर प्रतिबंध लगाने की मांग की गयी तो चीन आंखे दिखाने लगा.. तो भारत की तरफ से भी साफ़ कर दिया गया है कि अगर शान्ति से बातचीत की गयी होती तो शायद ये स्थिति ना आती लेकिन चीन आँखे दिखाकर, डरा कर अपने बात मनवाना चाहता है तो भारत के रुख में अब परिवर्तन आएगा और इस कम्पनी को भी नुकसान झेलना पड़ेगा..

महत्वपूर्ण जानकारी

भारत ने नेक्स्ट जेनरेशन 5G सेलुलर नेटवर्क के इंस्टालेशन की बिडिंग प्रक्रिया को कुछ समय तक के लिए रोक दिया गया है. हालांकि भारत सरकार की तरफ से अब तक चीनी टेलीकॉम कंपनियों को 5जी बिडिंग प्रक्रिया में शामिल होने का न्योता नहीं दिया गया है. इससे चीन की चिताएं बढ़ गई हैं. हुआवे 5G टेक्नोलॉजी वाली विश्व की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक है, जो इस वक्त अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर में फंसी है.

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