अलीगढ़ में दिखी गंगा जमुनी तहज़ीब की नई मिशाल,कावड़ियों को बांटे फल और दूध

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महाशिवरात्रि को भक्त भगवान शिव की आराधना करते है ..शिवरात्रि वाले दिन हर जगह ‘हर-हर महादेव’ की गूंज चरों तरफ रहती है ..ऐसे में ही एक मोहब्बत भरी खबर अलीगढ़ से सामने आई है.. यहां के समाजसेवी अमानुल्लाह खान और उनके साथ जुड़े अन्य सेवकों ने भी कावड़ियों को दूध-फल बांटे हैं..हिन्दू मुस्लिम इस भाई चारे की खबर ने एक मिसाल बनाते हुए लोगों को दिल जीत लिया है.. न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ से बात करते हुए खान साहब ने बताया कि वो बीते 4-5 वर्षों से कावड़ियों के लिए ये कैंप लगा रहे हैं…और इतना ही नहीं आगे उन्होंने बताया कि उनके इलाके के हिंदू भाईलोग भी भी रमजान के दौरान उनके साथ रोजा रखते हैं… जैसे ही ये खबर लोगों के सामने उनका रिएक्शन भी सामने आने लगा..

वही ट्विटर पर जनता इसे रियल सेक्युलरिज्म कह रही है.. लोग कॉमेंट करके काफी तारीफ कर रहे हैं…एक यूजर इसके रिएक्शन में लिखते है सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा ..तो वही बद्रीनाथ नाम के एक यूजर लिखते है हमें ऐसे ही मिल जुलकर कर रहना चाहिए…तो कोई लिखता है यही ख़ूबसूरती है हमारे हिंदुस्तान की .. तो एक प्रतीक नाम के यूजर लिखे है मजहव नहीं सिखाता आपस में बैर करना ..ये तो कुछ tweets है जो हम आप को दिखा रहे है …और भी लोग है जिन्होंने इस काम को अपने शव्दों में सहारा है …

ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ जब लोगों ने सामाजिक एकता की मिसाल बनाई हो पहले भी हमे बिजनौर में गंगा-जमुनी तहजीब एक ऐसी जीती-जागती मिसाल देखने को मिली है… जहां पर पिछले कई सालों से राम-रहीम नाम से मेडिकल चलाकर भाई चारे व एकता की मिसाल कायम की है..आपको ये जान कर थोडा अचम्भव होगा और अच्छा भी लगेगा कि सागर जिले के एक बसाहरी गांव में करीब 8 हजार की आबादी है… यहां करीब दो दशक से एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है..पर गांव के लोग बाबा की दरगाह में रोजाना सजदा करने जाते हैं और कई हिंदू रमजान में यहां रोजा रखकर नमाज भी अदा करते हैं.. यही हिंदुस्तान कि ख़ूबसूरती है जिसके लिए हमारा हिंदुस्तान जाना जाता है… कोई यहाँ पूरे धूम धाम से जन्मास्टमी और शिवरात्री मनाता है तो कोई रमजान में रोजे रखता है.