अब बिना किसी को बताये गायब नहीं हो सकेंगे राहुल गांधी, सरकार ने बदले नियम

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SPG की गिनती देश के सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा बालों में होती है. इसकी कार्यप्रणाली बहुत अनूठी है इसलिए देश के अतिविशिष्ठ लोगों को SPG सुरक्षा दी जाती है. वर्तमान में ये सुरक्षा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गाँधी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और उपाध्यक्ष प्रियंका गाँधी को ये सुरक्षा वर्तमान में मिली हुई है, कुछ समय पहले तक SPG सुरक्षा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी दी गई थी लेकिन फिर उनकी सुरक्षा की समीक्षा कर उसे हटा लिया गया.

आज SPG की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि गृहमंत्रालय ने SPG से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किये है. बदलाव ये है कि अब से SPG सुरक्षा प्राप्त नेता जब विदेश यात्रा पर जायेंगे तो SPG की टीम भी उनके साथ हर वक़्त होगी. अभी तक होता ये था कि जब SPG सुरक्षा प्राप्त नेता विदेश यात्रा पर जाते थे तो SPG एयरपोर्ट से वापस लौट आती थी. गांधी परिवार की ओर से इस दौरान प्राइवेसी का हवाला दिया जाता था और अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया जाता है.

अब सवाल ये है कि गृह मंत्रालय को नियमों में ये बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी? हुआ ये कि शनिवार को राहुल गाँधी विदेश यात्रा पर निकल गए. दो राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले छुट्टी मनाने विदेश यात्रा पर चले जाने के कारण भाजपा को उनपर निशाना साधने का मौका मिल गया. राहुल कहाँ गए ये किसी को बताया नहीं गया लेकिन रविवार को पुरे दिन उनके बैंकॉक जाने कि चर्चा होती रही. ये चर्चा इसलिए भी उठी क्योंकि राहुल पहले भी बैंकॉक जाते रहे हैं लम्बी छुट्टी के लिए और बैंकॉक उनकी फेवरेट जगह है. लेकिन फिर शाम होते होते ये चर्चा चलने लगी कि वो बैंकॉक नहीं बल्कि कम्बोडिया गए हैं. हालाँकि अभी तक ये साफ़ नहीं है वो असल में गए कहाँ गए हैं?

राहुल के बिना किसी को बताये और बिना सुरक्षा के इस तरह गायब होना चिंता की बात है. इसलिए केंद्र सरकार हरकत में आ गई. आना स्वाभाविक भी था. देश के बड़े नेता और कुछ महीनों पहले तक प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार रहा नेता अगर ऐसे अचानक से बिना किसी जानकारी के कहीं चला जाए तो सरकार को उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) सुरक्षा को लेकर नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है. जिन्हें भी ये सुरक्षा प्राप्त है अब उनके साथ विदेशी दौरों पर भी SPG के जवान तैनात रहेंगे. यानी कोई भी व्यक्ति जिसे ये सुविधा प्राप्त है उसके साथ जवान भी विदेश का दौरा करेंगे.

इस नए नियम से कांग्रेस भड़क गई. कांग्रेस ने कहा है कि ये सीधे सीधे गाँधी परिवार के निजी जीवन पर निगरानी रखने की चाल है. सरकार को उनपर भरोसा नहीं है इसलिए वो चाहते हैं कि हर पल उनके पीछे जासूस लगे रहे.

कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया. भाजपा का कहना है कि अति विशिष्ट लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होती है, इसलिए उसे वीवीआईपी को हर जगह, हर हाल में सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है. भाजपा का कहना है कि गाँधी परिवार को जहाँ जाना हो जाएँ. वे इसके लिए आजाद हैं, लेकिन अगर उन्हें कहीं, कुछ हो गया तो इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.

गृह मंत्रालय का सोचना भी सही है. राहुल गाँधी 10 सालों से प्रधानमंत्री पद के भावी उम्मीदवार हैं. सरकार नहीं चाहती कि देश के भावी प्रधानमंत्री की सुरक्षा से कोई समझौता हो. सुरक्षा दो तो हंगामा, सुरक्षा वापस ले लो तो हंगामा. ऐसे थोड़े ही न होता है