तीन बहनों ने बन चुकी मुख्य सचिव, जानिये इनकी रोचक कहानी

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एक ऐसा राज्य जो गर्भ में ही बच्चियों की हत्या के लिए बदनाम था.. उसी राज्य से महिला सशक्तिकरण की एक ऐसी खबर आपको सुनाने जा रहे हैं जो अब पूरे हरियाणा को गर्वित कर रहा है. दरअसल ये पूरी कहानी है उन तीन बहनों की जिन्होंने हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव के तौर पर तैनात रही हैं. हरियाणा की नई मुख्‍य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा और उनकी दो बहनों के नौकरशाही की कप्‍तान बनने के बारे में तो सबको पता है, लेकिन इसके पीछे की कहानी भी कम रोचक नहीं है।.. दैनिक जागरण को दिये गये इंटरव्यू में खुद केशनी आनंद ने बताया कि कैसे वे और उनकी दो बहनों ने हरियाणा के मुख्य सचिव के पद तक पहुंची…

दरअसल केशनी आनंद अरोड़ा की बड़ी बहन मीनाक्षी आनंद चौधरी प्रदेश की पहली महिला मुख्य सचिव थीं। दूसरी बहन उर्वशी गुलाटी भी हरियाणा की मुख्य सचिव रह चुकी है। दोनों बड़ी बहनों के बाद सबसे छोटी केशनी आनंद अरोड़ा ने हरियाणा की बागडोर संभाली तो तीनों बहनें सुर्खियों में आ गईं.. इनकी कहानी कई लोगों के मिशाल बन सकती है. इनके पिता चाहते थे कि उनकी बेटियां किसी अच्छी सरकार नौकरी में हो और रिटायर के वक्त मुख्य सचिव के पद पर रहे… ठीक ऐसा ही कर तीनों बहनों ने अपने पिता की इच्छा पूरी कर दी है. केशनी आनंद अरोड़ा ने बताया कि पूरे घर का माहौल शिक्षामयी था. हम कभी ट्यूशन पढने के लिए अकादमी नही गये. पिता जी घर पर ही पढ़ाते थे, जब मैं 27 साल की थी तब माँ साथ छोड़कर चली गयी साल 2014 में पिता जी दुनिया से चल बसे लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहेगा. जिद पद पर रहते हुए केशनी आनंद अरोड़ा की दो बहाने रिटायर हुई है उस पर रहते हुए केशनी आनंद भी रिटायर हो सकती है. उनके पिता की भी यही इच्छा थी जिसको इन तीन बहनों ने मिलकर पूरा कर ही दिया है.


दरअसल हरियाणा आईएएस एसोसिएशन ने मुख्य सचिव डीएस ढेसी की विदाई पार्टी रख दी. ढेसी…सेवा का अधिकार आयोग में मुख्य आयुक्त लगाए जा सकते हैं। उनकी गिनती मुख्यमंत्री मनोहर लाल के करीबियों में होती है। नई मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा अभी राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। ढेसी के बाद वह सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। इसलिए वरिष्ठता अनुसार केशनी ही मुख्य सचिव पद की प्रमुख दावेदार थीं..


उनकी बड़ी बहन मीनाक्षी आनंद 8 नवंबर 2005 से 30 अप्रैल 2016 तक मुख्य सचिव रहीं, जबकि उर्वशी गुलाटी को 31 अक्टूबर 2009 से 31 मार्च 2012 तक मुख्य सचिव पद संभालने का मौका मिला।
सोचिये हरियाणा वही राज्य है जहाँ के लोग पैदा होने से पहले ही बच्चियों को मार देते थे. हालात तो ऐसे हो गये थे कि लड़के और लड़कियों के अनुपात में काफी गिरावट देखने को मिली थी. सरकार पर भी इस अनुपात को ठीक करने की बड़ी चुनौती थी. केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद बच्चियों के प्रति लोगों को आगाह किया जाने लगा. महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ बेटी पढाओ जैसे अभियान चलाये गये.. इसका असर भी हो रहा है लेकिन केशनी आनन्द महिला और उनकी बहने महिला सशक्तिकरण का एक अच्छा उदाहरण बनी हैं.