पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग ने लिया फैसला, पढ़िए पूरी खबर

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पश्चिम बंगाल में लगभग हर चरण के चुनाव में हिंसा देखने को मिल रही हैं. कहीं पर वोटरों को धमकाया जा रहा है तो कहीं कुछ लोग पर मारपीट, हंगामा और लोग वोट डालने ना जाएँ इसलिए बम तक फोड़ रहे हैं. इन घटनाओं का आरोप टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर लगता रहा है. इन उम्र कार्यकर्ताओं ने पिछले चरणों में हुए चुनाव में जमकर बवाल किया था. आसनसोल में कुछ लोगों ने केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो की कार का शीशा तोड़ दिया। हालांकि, इस हमले में भाजपा नेता को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। वही मतदान के दौरान ग्रामीणों ने चुनाव का इसलिए बहिष्कार कर दिया था क्योंकि वहां पर केन्द्रीय सुरक्षा बल के जवान नहीं थे लेकिन अब चुनाव आयोग इन मामलों को लेकर सख्त हो गया है..

चुनाव आयोग ने निर्देश जारी किया है कि मतदान के दौरान ना तो पश्चिम बंगाल पुलिस और ना ही केंद्रीय बल पोलिंग बूथ के अंदर प्रवेश करेंगे। ये तभी मतदान केंद्र के अंदर प्रवेश कर सकते है जब मतदान अधाकिरी उन्हें बुलाए। हालाँकि पहले खबर सामने आई थी कि मतदान केन्द्रों के अंदर जाने के लिए सिर्फ केन्द्रीय सुरक्षा बालों को ही अनुमति दी जायेगी लेकिन बाद में स्थिति साफ़ हो गयी है कि राज्य पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षा बल दोनों को मतदान केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी. भाजपा की तरफ से आरोप लगाया गया था कि केन्द्रीय बलों को हटाकार मतदान केन्द्रों पर राज्य पुलिस को तैनात किया जा रहा है जो मतदान को प्रभावित कर रहे हैं. वहीँ टीएमसी ने आरोप लगाया था कि सीआरपीएफ के जवान मतदान केंद्र के अंदर फायरिंग कर बीजेपी को वोट देने के लिए कह रहे हैं. इन सबको लेकर कई जगह पर हिंसा देखने को मिली थी.

जिसके बाद अब चुनाव आयोग ने फैसला लिया है कि कोई भी जवान या सुरक्षाकर्मी मतदान केद्र के अंदर नहीं जा सकेगा.. निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है. चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किए गए विवेक दुबे ने कहा कि बंगाल में केंद्रीय बलों की कुल 578 कंपनियों को लोकसभा चुनाव 2019 के 5 वें चरण के मतदान के लिए तैनात किया जा रहा है। 6 मई को पांचवे चरण के लिए मतदान किया जाएगा। इस दौरान पश्चिम बंगाल में बंगांव, बैरकपुर, हावड़ा, उलुबेरिया, श्रीरामपुर, हुगली, आरामबाग सीट पर वोट डाले जाने हैं। दरअसल ऐसा माना जाता है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी का जनाधार लगातार गिर रहा है और बीजेपी का बढ़ रहा है ऐसे में टीएमसी के कार्यकर्ता लगातार भड़के हुए हैं और बीजेपी कार्यकर्ताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है. वैसे प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल की एक रैली में कह चुके हैं कि टीएमसी के 40 विधायक उनके संपर्क में हैं ऐसे में टीएमसी में बवाल मचा हुआ है.