इस कारण से कांग्रेस में मचा है घमासान, पढ़िए पूरी कहानी

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दो राज्यों में चुनाव होने वाले हैं. महाराष्ट्र और हरियाणा.. दोनों जगहों पर बीजेपी की सरकार है.. और इससे पहले दोनों जगहों पर कांग्रेस सत्ता में रह चुकी हैं. चुनाव सर पर है और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी देश से बाहर है..और पार्टी में बवाल है.

 हरियाणा और महाराष्ट्र दोनों जगहों पर कांग्रेस पार्टी में बवाल और बगावत दोनों चल रही हैं. पार्टी के कई नेताओं ने पार्टी लाइन से बाहर जाकर बयानबाजी की और आगे देख लेने तक की बात कर रहे हैं. लेकिन आखिर कांग्रेस पार्टी में ऐसा क्या हो रहा है कि जब पार्टी को एकजुट होकर चुनाव लड़ना था, गिरी पार्टी को खड़ा करना था, अपने समर्थकों के अंदर जोश भरना था तब कांग्रेस और लड़खड़ा रही है. राहुल गाँधी चुनाव से दूरी बना रहे हैं. कांग्रेस के नेता आपस में लड़ रहे है. मुंबई से संजय निरुपम हो या फिर हरियाणा ने अशोक तंवर.. पार्टी के बड़े नेताओं पर आरोप लगे हैं बयानबाजी बाजी है.. ऐसे में आइये हम आपको कुछ ऐसे कारण बताते हैं जिसकी वजह से कांग्रेस में आंतरिक कलह लगातार बढती जा रही है. सबसे पहली वजह पर बात करते हैं कि जब राहुल गाँधी कांग्रेस के अध्यक्ष थे उस समय पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान और एमपी में कांग्रेस की सरकार बनी लेकिन राहुल गाँधी अपनी पसंद से किसी को मुख्यमंत्री नही बना पाए और जो मुख्यमंत्री बने हैं मतलब कैप्टन, गहलोत, कमलनाथ तीनों टीम सोनिया के सदस्य हैं.

आगे बढ़त हैं अगला कारण जो है वो ये कि सोनिया गाँधी जैसे ही दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनायी गयीं उन्होंने हरियाणा और झारखंड से कांग्रेस अध्यक्ष को बदल दिया है. जबसे हरियाणा में अध्यक्ष पद छीना गया तब से अशोक तंवर पार्टी का विरोध कर रहे थे इसके बाद उन्होंने आखिरकार पार्टी से इस्तीफा तक दे दिया.

तीसरी बात… राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर घमासान तो पहले से ही मचा हुआ है. मध्य प्रदेश में सिंधिया और राजस्थान में सचिन पायलट प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते हैं लेकिन ऐसा हो नही पा रहा है. सिंधिया का विरोध दिग्विजय और कमलनाथ करते रहे हैं. ये एक उदहारण हैं कि कैसे कलह मची हुई है कांग्रेस में…

आगे बढ़ते हैं..मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने तो पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी तक को हिदायत दे डाली कि वे दरबारियों से दूरी बनाये. इतना ही संजय निरुपम ने कांग्रेस पर कई बड़े आरोप लगाए. आरोपों से ज्यादा संजय निरुपम की पार्टी विरोधी बयानबाजी चर्चा का विषय बनी क्योंकि संजय कांग्रेस के दृढ़संकल्पित कार्यकर्ताओं में माने जाने हैं. ऐसे में उनका कांग्रेस के विरोध में बोलना ये साफ़ दिखाता है कि कांग्रेस में अब नेताओं का राज नही है, बल्कि कुछ ठेकेदारों का राज चल रहा है. जैसा कि संजय निरुपम ने आरोप लगाये थे. अशोक तंवर कई बात पार्टी के बड़े नेताओं का विरोध करते देखे गये.. पार्टी कार्यालय में बड़े नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते रहे अशोक तंवर.. लेकिन उनकी बात को किसी ने नही सुनी.. ऐसा ही कुछ आरोप संजय निरुपम लगा भी चुके हैं. मलतब कांग्रेस में एक धडा ऐसा है जिसकी बात कोई नही चुन रहा है पार्टी में..

NEW DELHI, MAY 25 (UNI):- Congress President Rahul Gandhi presiding over the Congress Working Committee meeting at AICC headquarters, in New Delhi on Saturday. UNI PHOTO-AK6U

इस तरह अगर देखा जाए तो समझा सकता है कि कांग्रेस अब दो खेमे में बंट चुकी हैं. एक तरफ टीम सोनिया है तो दूसरी ओर टीम राहुल है. अशोक गहलोत, कमलनाथ, गुलाम नबी आजाद, मुकुल वासनिक, मल्लिकार्जुन खड़गे, संजय निरुपम, कैप्टन अमरिंदर सिंह, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह को सोनिया गांधी के खेमे का माना जा रहा है. वहीं, मिलिंद देवड़ा, सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया और अशोक तंवर को राहुल गांधी के खेमे का माना जा रहा है.