ध्रुव त्यागी के केस में चुप क्यों है केजरीवाल?

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आप अपने घर की औरत के साथ बहार जाते है… वापस लौटने वक़्त कुछ लोग आपके साथ की महिला पर भद्दे कमेंट्स करते है … तो क्या उस वक्त आपको बुरा नहीं लगेगा ? आपको गुस्सा नहीं आएगा? आप उनलोगों को डाटेंगे नहीं?

आमतौर पर इसपर लोग बौखला उठते है.. और बात लडाई तक पहुच जाती है…

ठीक ऐसा ही कुछ हुआ शनिवार रात दिल्ली के मोती नगर थाना एरिया के बसई दारापुर गांव में… लेकिन जब इस छेड़छाड़ का विरोध हुआ तो लड़की के पीता की हत्या कर दी गई… केस काफी सुलझा है … पुलिस को आरोपियों का भी पता है … लेकिन इसी बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की चुप्पी थोड़ी  अटपटी सी है… क्योंकि जब दादरी में जो की उत्तर प्रदेश में है वहां जब अकलाक  की हत्या हुई थी तो सीएम अरविन्द केजरीवाल अपने काफिले के साथ पहुचें थे… लेकिन उन्ही की दिल्ली में जब एक  हत्या हुई तो वह चुप है … पीड़ित परिवार का हाल तक लेने नहीं पहुचे… खैर यह केजरीवाल ही जाने की उनके मन में क्या चल रहा… वैसे हम आपको बताते है कि आखिर क्या हुआ था उस रात…

तो बात दरअसल कुछ ऐसी है कि

 शनिवार देर रात करीब 1 बजे dhruv त्यागी जो की एक बिजनेसमैन थे उनकी 26 साल की बेटी को माइग्रेन का दर्द हो गया था….वह बेटी को दिखाने आचार्य भिक्षु हॉस्पिटल गए थे…. वहां से आते वक्त उनके घर के पास चौक पर ही तीन लड़के और उनके दो-तीन दोस्त खड़े थे…. उन्होनें लड़की पर गलत कमेंट पास किया … लड़की ने अनसुना किया… और चलते रही … फिर उसके पिता ने उसे घर छोड़ा और वापस चौक पर चले गए … उन लड़कों को समझाने गए… और उन्होनें कहा कि “तुम लोग यहां क्या कर रहे हो? शर्म नहीं आती, इस तरह से छेड़छाड़ करते हुए…..चलो तुम्हारे मां-बाप को बताता हूं….इसी बात पर आरोपी गुस्से में आ गए…”

उनमें से एक अपने घर गया और वहां से सभी को उठा लाया…. फिर शमसे आलम ने अपनी मां से कहा कि घर से सामान लाओ… मां घर से चापड़ लेकर आई और उसके बाद बिजनसमैन पर ताबड़तोड़ चाकू के वार करने शुरू कर दिए गए….. परिवार के अन्य लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और शमसे आलम ने उन्हें चाकू से गोद दिया….. वारदात में शमसे का पिता, मां, दोनों भाई, तीन-चार बहनें, एक दामाद और अन्य लोग शामिल हैं…. शोर-शराबा सुनकर गली में कुछ लोग उठ भी गए थे, जिन्होंने यह सब देखा भी….

इसी बीच पीड़ित की बेटी ने अपने भाई अनमोल से कहा कि पापा नहीं आए….. बेटा चौक पर गया तो उसने देखा कि आरोपी पापा को चाकू मार रहे थे….. वह उन्हें बचाने के लिए उनके ऊपर लेट गया…… तब आरोपियों ने बेटे के भी चाकू से कई वार कर दिए…… बिजनेसमैन ने सोमवार सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया…..

अब सोचने वाली बात यह है कि पहले तो लड़कियों के देर रात बहार निकलने के कारण उनके साथ अनहोनी होने की आशंका होती थी … लेकिन अब यह केस देख कर लगता कि किसी के बेटी के साथ कुछ बत्तमीजी हो तो वो बोल भी नहीं सकता… वह पीड़ित परिवार किस मुश्किल में है ये हम आप नहीं समझ सकते क्योंकि बीत उनपर रही है ….. वैसे तो पूर्ण राज्य और महिला सुरक्षा को लेकर केजरीवाल जी ने अपने मेनिफेस्टो को काफी आकर्षक बना लिया लेकिन दिल्ली सरकार का यह रवैया पीड़ित परिवार के प्रति कुछ ठीक नहीं…