प्रदुषण रोकने पर काम नही लेकिन आरोप लगाने में सब आगे! पढ़िए ये खबर

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पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और उसके आस पास के इलाके की हवा जहरीली हो गयी है. साँस लेने में दिक्कत, नाक में जलन, आँखों से आंसू निकल रहे हैं..लेकिन लगभग एक हस्ते से चले आ रहे इस प्रदुषण से दिल्ली वालों को मुक्ति दिलाने के लिए कोई आगे आने को तैयार नही है. दिल्ली सरकार की तरफ से ओड इवन शुरू की गयी है… फैक्ट्रियों पर ताला लगाने का दावा किया जा रहा है.. पानी छिडकाव का दावा किया जा रहा है लेकिन ये सब जमीनी हकीकत पर कितना हो रहा है ये तो आप जानते ही है..

हालाँकि इनकी तरफ से एक बात जरूर कही गयी है कि हरियाणा और पंजाब में किसानों के पराली के लिए कोई ख़ास इंतजाम नही किये गये हैं.. इसीलिए किसान पराली जलाते हैं और दिल्ली प्रदुषण की मार झेलती है.. लेकिन हालात को देखा जाये तो यह समझा सकता है कि दिल्ली सरकार भी लोगों को घर से ना निकलने, हम ओड इवन लेकर आ रहे हैं.. फैक्ट्रियों पर ताला लगा दिया है. प्रदुषण के खिलाफ…. इसके अलावा इनके पास कोई ठोस बात नही है..

सरकारें प्रदुषण को लेकर चिंतित कितनी है इसका अंदाजा आप इस बात से लगाइये कि अब इसकी जिम्मेदारी को इधर से उधर धकेलने का काम हो रहा है.. दिल्ली आम आदमी पार्टी का कहना है कि जब हरियाणा और पंजाब में पराली जलाई जाती है तो ये दिक्कत हमारे सामने आती है लेकिन हरियाणा और पंजाब में कांग्रेस और बीजेपी की सरकारें है जो प्रदुषण कम करने के लिए कोई काम नही करती है.. लेकिन ये भी सच्चाई है कि दिल्ली सरकार की तरफ से पांच ऐसे काम गिनाने के लिए भी नही है जो प्रदुषण को रोकने या कम करने में मददगार हो..

अब दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी भी लगा दी गयी है.. आइये हम समझते है कि आखिर हेल्थ इमरजेंसी क्यों लगायी जाती है? इसके पीछे क्या कारण है? औत हेल्थ इमरजेंसी लगने पर क्या होता है? दरअसल वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन यानी डब्ल्यूएचओ के मुताबित जब कोई क्षेत्र, राज्य या इलाका गंभीर स्वास्थ्य खतरों की गिरफ्त में होता है तब इस इमरजेंसी को उस राज्य, क्षेत्र या इलाके में सभी अधिकारियों की सहमती के साथ लागू किया जाता है. या जब कोई प्राकृतिक आपदा आती है, जिससे लोग बीमारी का शिकार होने लगते हैं, उस वक्त इस इमरजेंसी को लागू किया जाता है। भूस्खलन, भूकंप आदि इसी आपदा के अंतर्गत आते है… इसी तरह की एक आपदा दिल्ली के लोग झेल रहे हैं..इसीलिए आपदा से बचाने के लिए दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी लगाईं गयी है.


 हालाँकि ख़बरों के अनुसार अब दिल्ली के प्रदुषण को पीएमओ ने भी संज्ञान में लिया है. इसको लेकर बैठक हो चुकी है ऐसी भी ख़बरें सामने आ रही है.. हालाँकि बैठक, स्कूल में बच्चों को ना भेजना, घर से बाहर न निकलने की सलाह देना.. किसानों को जिम्मेदार ठहराना…ओड इवन के गिनाने से प्रदुषण कम नही होगा.. इसके लिए कोई ठोस पलान बनाकर जमीनी स्तर पर लागू करना होगा.. लेकिन यहाँ हो क्या रहा है.. यहाँ एक दुसरे पर आरोप लगाने, लोगों को सलाह देने के अलावा क्या हो रहा है.. आप जानते ही है.