पुरानी खबर के जरिए कांग्रेस फैला रही है बीजेपी के खिलाफ भ्रम- फैक्ट चेक

कांग्रेस आईटी सेल की हेड दिव्या स्पंदना ने एक ट्वीट किया..इस ट्वीट में उन्होंने दावा किया कि बीजेपी आईटी सेल के कार्यकर्ता Member ध्रुव सक्सेना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है..इसके साथ ही इस ट्वीट में ये भी दावा किया गया कि ध्रुव सक्सेना को पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी आईएसआई की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

लोकसभा चुनाव नजदीक हैं जिसको लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी और भड़काऊ खबरों का सिलसिला बढ़ने लगा है..ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि कांग्रेस आईटी सेल की प्रमुख दिव्या स्पंदना के हालिया ट्वीट ने इसका एक example भी पेश किया है..दिव्या ने अपने ट्वीट में दावा किया है की बीजेपी आईटी सेल के सदस्य ध्रुव सक्सेना पुलिस की गिरफ्त में है और उनपर आईएसआई के लिए काम करने का आरोप है..

लेकिन जब द चौपाल की टीम ने इस न्यूज की पड़ताल की तो पाया कि दिव्या का ट्वीट भ्रम पैदा करनेवाला है…दरअसल, ट्वीट में दिव्या ने जिस खबर का जिक्र किया है वो 2 साल पुरानी है..

मीडिया पोर्टल Youthkiawaj.com में हाल ही में प्रकाशित हुई एक खबर के हवाले से दिव्या स्पंदना ने अपने ट्वीट में लिखा, एंटी नेशनल बीजेपी!! बीजेपी के आईटी सेल के सदस्य ध्रुव सक्सेना और 10 लोगों को सेना की जासूसी कर आईएसआई की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.

बता दें कि Youthkiawaaz.com ओपन मीडिया प्लेटफॉर्म है जहां कोई भी अपनी स्टोरी पोस्ट कर सकता है..

दिव्या के इस पोस्ट को हमारे दिखाये जाने तक लगभग 3500 बार रिट्वीट किया जा चुका था..वही इस खबर को ताजा मामला मानते हुए ज्यादातर युजर्स ने बीजेपी पर निशाना साधा..

यहां तक इस खबर को यूथ कांग्रेस के वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट, कांग्रेस की नेशनल मीडिया पेनलिस्ट शमा मोहम्मद और यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए इस खबर को ट्वीट कर दिया..वही, यूथ की आवाज के फेसबुक पेज पर भी इस खबर को पोस्ट किया, वहां भी इस खबर को 1 हजार से ज्यादा शेयर किया गया..

इस खबर की पड़ताल करते हुए हमने ध्रुव सक्सेना के बारे में इंटरनेट से जानकारी जुटानी शुरू की तो हमने उसकी गिरफ्तारी से जुड़े कई न्यूज आर्टिकल मिले..जो 2017 के निकले…बता दें कि मध्यप्रदेश एंटी-टेररिज्म स्कवाड ने 9 फरवरी 2017 को ध्रुव सक्सेना समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया था..इनपर आईएसआई के जासूस होने का आरोप था. उस वक्त कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया भी था. उस वक्त कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सक्सेना मध्यप्रदेश में बीजेपी आईटी सेल का जिला संयोजक था. हालांकि सक्सेना की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी ने यह साफ कर दिया था कि पार्टी का ध्रुव सक्सेना से कोई संबंध नहीं है.

द चौपाल की टीम ने दिव्या स्पंदना के इस ट्वीट के दावे को गलत पाया…क्योंकि ये खबर अभी की नहीं ब्लकि 2 साल पुरानी है लेकिन दिव्या और कई लोगों ने इसको अभी का बता कर लोगों में भ्रम पैदा करने का काम किया है..लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्ष ऐसी ही खबरों को संदेह पैदा करने के लिए शेयर कर रहे है और लोगों को भड़काने का काम कर रही है..ऐसे में आपको ऐसे दावों को बिना सोचें समझे शेयर करने और इनपर यकिन करने से बचना चाहिए..