चंद्रयान मिशन 2 की लैंडिंग के दौरान बेहूदगी पर उतर आये NDTV के पत्रकार

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इसरो के चंद्रयान मिशन के विक्रम लैंडर से सम्पर्क टूटने के बाद पूरा देश ग़मगीन है, इसरो चीफ भावुक हो गये.. पीएम मोदी ने उन्हें सांत्वना दी और पूरे देश को भरोसा दिलाया कि हम होंगे कामयाब एक दिन.. लेकिन कुछ लोग इतने बेहूदगी पर उतर आये कि उन्हें ये तक समझ नही आता है कि किस वक्त, किस जगह पर क्या बोलना है और कैसे बोलना है. हम यहाँ बात करने जा रहे हैं ndtv के पत्रकार पल्लव बागला की.. जो चंद्रयान के इस मिशन को कवर करने के लिए इसरो मुख्यालय में मौजूद थे जहाँ  सारे मीडिया कर्मी मौजूद थे..दरअसल इसरो द्वारा इस मिशन की सफलता के बाद इसरो की एक प्रेस कांफ्रेंस भी आयोजित करने की योजना थी.. मतलब इस मिशन के सफलता के बद इसरों एक प्रेस कांफ्रेंस करने वाला था.. लेकिन जब विक्रम से सम्पर्क टूट गया तो इस प्रेस कांफ्रेंस को भी रद्द कर दिया गया. इसके बाद इसरो के एक वैज्ञानिक ने पत्रकारों से भरे हॉल में आकर सूचना दी कि प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस को टाल दिया गया है और पीएम मोदी शनिवार सुबह राष्ट्र को संबोधित करेंगे.

जब इसरो के वैज्ञानिक इस बात की सूचना दे रहे थे तो NDTV के पत्रकार पल्लव बागला ने ऐसी हरकत की जो लोगों को भावुकता के इस पल में आक्रोशित कर देने वाला था. दरअसल पत्रकार पल्लव बागला ने वैज्ञानिक, जो जानकारी देने आये थे उनसे चिल्लाते हुए सवाल उठाया कि इसरो के चेयरमैन के सिवन खुद यहां मौजूद क्यों नहीं है? जब इसरो के मिशन में कुछ गड़बड़ हो जाती है  तो इसरो प्रमुख जानकारी देने आते हैं तो आप यहाँ क्या कर रहे हैं? पत्रकार महोदय का लहजा देखकर ये समझ आता है कि वे पूछ नही रहे हैं, बल्कि लताड़ रहे हैं या किसी अपराधी से बात कर रहे हैं. ये उस समय की बात है जब पूरा देश ग़म में डूबा डूबा सा पड़ा था. एक बड़ी सफलता शायद हाथ से निकल गयी थी. एक इतिहास रचते रचते हमारे वैज्ञानिक चूक गये.. इसका वैज्ञानिकों समेत सबको बहुत दुःख था. भावुक कर देने वाले इस पल में ndtv के पत्रकार की ये घटिया हरकत हर किसी को नागवार गुजरी और लोगों ने पत्रकार महोदय को ना जाने क्या क्या कह दिया है. खैर खबर मिल रही है कि पत्रकार महोदय को अपनी गलती का एहसास हो गया है और उन्होंने माफ़ी मांग ली है लेकिन लेकिन क्या पत्रकारिता के चक्कर में इतने क्रांतिकारी बन जाएँ कि सामने वाले की इमोशन से खेल लगे, सामने वाली के पद और गरिमा का ही ख्याल ना रखें..

जानकारी देने के लिए जो वैज्ञानिक सामने आये. उनसे अभद्रता से बात करें, कितना सही है. खैर माफ़ी तो मांग ही ली है. माफ़ करना आपके यानि दर्शकों के हाथ में है. जब सोशल मीडिया पर पल्लव बागला का वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने NDTV को भी लताड़ना शुरू कर दिया..

प्रशांत पटेल उमराव- का कहना है कि हमारे वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के बजाय NDTV के पत्रकार पल्लब बागला अपमान कर रहे हैं, अगर इन पर कार्रवाई नही की जातो तो यही समझ जाएगा कि ऐसा करने के लिए उन्हें ndtv से ही आदेश मिला

अभिषेक नाम के यूजर ने लिखा कि मैंने NDTV का वीडियो देखा जिसमें पल्लव बागला वैज्ञानिकों के साथ अभद्रता कर रहे हैं उम्मीद है ऐसी पत्रकारिता के लिए उन्हें भी मैक्स्सेस अवार्ड मिलना चाहिए ..हालाँकि इसके लिए लिखित में एनडीटीवी को अपने इस वयवहार के लिए माफ़ी मंगनी चाहिए.. बता दें ककी पल्लव साहब ने माफ़ी मांग ली है.

अंतर नाम के यूजर ने लिखा कि ये कौन होते हैं हमारे वैज्ञानिको से इस तरह घटिया तरीके सवाल करने वाले…इस तरह की मीडिया और पत्रकारों का बायकोट करना चाहिए और बैन कर देना चाहिए पूरे देश हमारे वैज्ञानिकों के साथ खड़ा है.

खैर आगे बढ़ते हैं.. शनिवार सुबह इसरों कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने वैज्ञानिकों की तारीफ़ करते हुए कहा कि हम होंगे कामयाब एक दिन.. इसके बाद जब पीएम मोदी इसरों मुख्यालय से निकल रहे थे तभी उनको विदा करते वक्त इसरो प्रमुख भावुक हो गये और फफक पड़े.. एक तरफ लगभग पूरा देश परेशान है इशरो चीफ को गले लगाने वाला वीडियो विरोधी भी शेयर कर रहे हैं. वहीँ कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें मजाक सूझ रहा है वो ये रिसर्च कर रहे हैं कि आखिर पहले चाँद पर किसने पहले टट्टी की और किसने पहले पेशाब किया है.. मुबारक हो आपको!

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