आज भारतीय होने पर आप फिर से गर्व महसूस करेंगे

2011

भारत शुक्रवार रात में अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई ऊँचाई हासिल करने जा रहा है. 48 दिन के सफर पर निकले चंद्रयान 2 की यात्रा पूरी होने में अब 18 घंटे से भी कम का वक्त बचा है. 22 जुलाई को ISRO की ओर से लॉन्च किए गए चंद्रयान-2 के तहत 7 सितंबर को 01:30 बजे से 2:30 बजे के बीच में विक्रम नामक लैंडर को चाँद पर उतारा जाएगा. विक्रम के साथ ही चांद की सतह पर प्रज्ञान नामक रोबोटिक यान भी उतरेगा. RESEARCH यान चंद्रमा के SOUTH POLE पर उतरेगा और RESEARCH शुरू करेगा और इसी के साथ भारत इतिहास रच देगा.

भारत के लिए इतना महत्तवपूर्ण पल है कि ISRO के वैज्ञानिकों के साथ साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चंद्रयान की लाइव लैंडिंग देखने के लिए बेसब्री से इंतज़ार कर रहे है. और इसके साथ ही पीएम मोदी इस पल को लाइव देखने के लिए ISRO में मोजूद रहेंगे. इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए देश भर के 70 छात्र-छात्राएं भी पीएम मोदी के साथ मोजूद रहेंगे. प्रज्ञान रोवर 6 पहियों पर चलेगा और 1 सेमी प्रति सेकंड की रफ्तार से बढ़ते हुए करीब 500 मीटर की दूरी तय करेगा. उसके बाद रोवर चाँद की सतह से जमा किए गए डेटा लैंडर को भेजेगा. लैंडर के ज़रिए ये डेटा इसरो के अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचेगा. रोवर प्रज्ञान चंद्रमा के एक दिन या पृथ्वी के हिसाब से 14 दिनों तक एक्टिव रहेगा.

इस लैंडर का नाम विक्रम रखा गया है. इसका संस्कृत में अर्थ है साहस और वीरता से जुड़ा. इस लैंडर का नाम विक्रम रखने के पीछे एक मकसद वैज्ञानिक विक्रम साराभाई को श्रद्धांजलि देना भी है. प्रज्ञान में टेरेन मैपिंग कैमरा लगा है. जिसकी मदद से चांद के कई और रहस्यों का पता चल पाएगा. लैंडर विक्रम में लैंगमूर प्रोब नाम का इंस्ट्रूमेंट लगाया गया है जो चांद के वातावरण की ऊपरी परत और चांद की सतह पर RESEARCH करेगा. विक्रम अपने इंस्ट्रूमेंट लेजर रेट्रोरिफ्लेक्‍टर के जरिये वहां मैपिंग और दूरी संबंधी RESEARCH करेगा. ISRO ने चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को लांच किया था. इस चंद्रयान-2 मिशन में एक ऑर्बिटर, विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर है और 2 सितंबर को ऑर्बिटर से अलग होकर लैंडर विक्रम चांद की सतह के लिए रवाना हुआ था. जैसे ही चंद्रयान-2 चांद की सतह पर लैंड करेगा वेसे ही भारत ऐसा करना वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा. अभी तक अमेरिका, रूस और चीन ने ही ऐसा कारनामा किया है. तो तेयार हो जाइये इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए और गर्व महसूस करिये अपने भारतीय होने पर.