साक्षी की प्रेम कहानी का ये पहलू भी तो देखिये आप

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कैसे बाप है जो अपनी बेटी की शादी IAS से करवाना चाहता था. कैसा बाप है जो अपनी बेटी को बार बार कह रहा है खुश रहो जहाँ रहो लेकिन मीडिया पूछ रही है क्या कहना है आपका? कैसा भाई है जो अपनी बहन को फोन गिफ्ट देता है… फिर पिता से डांट सुनता है..


पूरी घटना तो आप समझ ही गये होंगे… हो सकता है आप मेरी बात से सहमत हो या असहमत…
बरेली से विधायक राजेश मिश्रा की बेटी घर छोड़ कर भाग जाती है एक दलित युवक अजितेश के साथ.. परिवार के अनुसार अजितेश का राजेश के घर आना जाना था. बच्चों के साथ अच्छी खासी जान पहचान थी.. बातचीत थी.. मित्रता था.. साथ में खाना खाना पीना उठना बैठना होता था.. लेकिन दोनों ने अचानक भाग कर शादी कर ली उस वक्त जब राजेश अपनी पत्नी का इलाज करवाने बाहर गये थे और भाई भी किसी से मिलने अस्पताल गया था. कुछ दिन बाद अचानक एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आता है जिसमें अजितेश और साक्षी दिखाई दे रहे हैं. लड़की अपने विधायक पापा को कह रही है कि आप अपनी राजनीति करो. विधायक हो.. अपना काम करो और हमें ख़ुशी से रहने दो.. वहीँ लड़का जो अजितेश है वो कह रहा है कि मैं दलित हूँ इसलिए ये लोग इस शादी के खिलाफ है. दूसरा वीडियो सामने आया है उसमें साक्षी अपने पिता से इसी फ़िल्मी डायलोग की तरह कह रही है कि पापा ये जो मैंने सिन्दूर लगा रखा है ना कोई मजाक नही है मैंने शादी कर ली है.. इसके बाद कह रही है कि मुझे जान का खतरा है और हम डरे हुए हैं.. ये वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया.. मेन स्ट्रीम मीडिया में कबर किया.. लड़की को लाकर एक चैनल एक स्टूडियो में पूरा दिन बैठाया गया और फिर इस पूरे मामले को दलित VS विलेन बाप बना दिया गया. इस पर आगे बात करेंगे पहले आपको बताते हैं कि साक्षी ने कई सारे आरोप लगाये.. कि उसे ऐसे स्कूल में पढ़ाया गया जहाँ मोबाइल फ़ोन के उपयोग पर पाबंदी थी. उसे पढ़ने नही दिया जाता था. लेकिन लड़की ने प्रदेश से बाहर जाकर जयपुर से पढ़ाई की है. इसके साथ उसके भाई ने यह भी बताया है कि रक्षाबंधन की गिफ्ट में उसने साक्षी को 20000 का मोबाइल दिया था. जिसका फोटो साक्षी ने फेसबुक पर लगाया था.

Source-TimesNow

साक्षी का कहना ये भी है कि भागने के बाद उसे लगातार धमकियाँ मिल रही हैं.. लेकिन मीडिया में उसने बताया कि किसी ने उसे धमकी नही दी लेकिन उसे ऐसा लगता है कि उसके पापा कुछ भी कर सकते हैं या किसी से करवा सकते हैं.. लेकिन पिता ने लिखित तौर पर और मीडिया के सामने भी बताया है कि उनकी लड़की बालिग़ है उन्हें किसी बात पर आपत्ति नही है. बच्ची जहाँ रहे खुश रहे… जब मीडिया ने साक्षी के माँ के बारे उनके पिता से बोला कि उनकी क्या प्रतिकिर्या है तो इस पर राजेश ने बताया कि वो आत्महत्या के लिए कह रही हैं. भाई ऐसे हालात में कोई और सोच भी क्या सकता है? वो बेटी जिसे पैदा किया.. बड़ा किया.. पढ़ाया लिखाया… सारी सुविधाएँ दी.. वही बच्ची एक दिन पूरे परिवार के शर्मिंदगी का कारण बन जाए तो कोई क्या समझे क्या सोचे?
अगर अजितेश की बात की जाये तो राकेश मिश्रा ने अजितेश पर आरोप लगाया था कि उसकी पहले से एंगेजमेंट हो चुकी थी.. यह बात भी सही साबित हुई है. भोपाल में एक लड़की के साथ अजितेश की सगाई हुई थी. जिसे अचानक में तोड़ दिया गया. इस रिश्ते को भी अजितेश ने ही तोडा था. शादी के लिए 9 दिसंबर की तारीख तय थी. शादी की सारी तैयारियां भी हो गई थी. इस सगाई में 7,00,000 रुपये से ज्यादा रकम लड़की के पिता ने खर्च की थी. सगाई टूटने वाली लड़की के पिता ने कहा कि सगाई में लाखों रुपए खर्च किए गए. उसकी भरपाई कौन करेगा? समाज में सगाई टूटने से बदनामी भी काफी हुई. वहीं सगाई टूटने वाली लड़की के पिता का हाल यह है की उनकी पांच बेटियां और एक बेटा है. उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट के बाद सगाई में इतना अधिक खर्च करना मेरे लिए मुश्किल था. फिर भी मैंने उधार लेकर सगाई में खर्च किया था. अब शादी क्यों तोड़ी गयी इसके पीछे क्या कारण था इसकी कोई भी जानकारी अभी तक सामने नही आई है.


अब बात करते हैं ब्राह्मण और दलित वाले मुद्दे का… राकेश मिश्रा का साफ़ साफ़ कहना है कि जब अजितेश अक्सर उनके घर आता है साथ में खाना खाता था, बैठता था..बच्चो के साथ अच्छे सम्बन्ध थे.. इसके बाद सवाल यही से खड़ा होता है कि तब जब साथ में खाना खाए तब ब्राह्मण और दलित याद नही आया.. और आज सहानिभूति बटोरने के लिए इस मुद्दे को दलित VS ब्राहमण बनाया जा रहा है.. अब इसे आप सोचिये और समझिये.
साक्षी के प्यार पर कोई सवाल नही खड़ा कर रहा है लेकिन जो तरीका उन्होंने अपनाया है उस पर सवाल खड़ा किया जा रहा है. आखिर 22 24 के परिवार के प्रेम को छोड़कर साक्षी ने एक डेढ़ साल के प्यार को चुनने के लिए अपने पिता पर इतने गंभीर आरोप लगाये.
सोशल मीडिया पर भी लोग इस अपनी अपनी इच्छा जाहिर कर रहे है. कुछ लोग साक्षी के समर्थन में आ रहे है तो कुव्ह विधायक राजेश मिश्रा के समर्थन में आ रहे हैं. कोई सोशल मीडिया पर लिख रहा है कि उसे मैं इश्क़ कैसे मान लूं…जो एक पिता की पगड़ी उछाल दे…सुप्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कोई किसी से भी प्रेम करे, विवाह करे, उसका स्वतंत्र निर्णय है,उसे आज़ादी है! किन्तु इसे अर्जित करने के लिए अपने जनक को लोक के सामने अपमानित करने की कवायद गलत है! जीवनसाथी चुनिए किन्तु पिता को इस तरह सर-ए-आम….


लेकिन अधिकतर लोग सवाल तो यही पूछ रहे हैं कि क्या अपने प्यार को पाने के लिए अपने पिता के साथ इस तरह का व्यवहार करके साक्षी ने ठीक किया है? सोशल मीडिया पर एक यूजर ने ये भी लिखा है कि एक सच तो ये भी है कि अगर बेटी घर से भागती है तो पूरा परिवार एक मजाक बन जाता है. मैं इन लोगों में मतलब प्रेमी, प्रेमिका और विधायक किसी को नही जानता हूँ लेकिन सोचिये अगर किसी की बेटी जिसे वो 22-24 साल तक पाल रहा हो वो घर भाग जाए तो परिवार वालों पर क्या बीतेगी. सालों तक परिवार का प्यार चंद दिनों के प्रेमी के प्यार पर जब भारी पड़ जाता है, तब सोचना पड़ता है कि ये मॉडर्न इंडिया.. अग्रेजों की सभ्यता को अपनाता इंडिया.. भारत की संस्कृति को तबाह करता इंडिया.. अपने माँ बाप को जीते जी मारने वाला इंडिया.. अपने परिवार को जिन्दा लाश बना देने वाला इंडिया.. इस पूरे मसले पर आप क्या सोचते हैं..