एयरफोर्स के बिजन दास ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में इन्हें बताया ज़िम्मेदार

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उत्तर प्रदेश के शहर प्रयागराज के होटल में एक आदमी के आत्महत्या का मामला सामने आया है. पुलिस ने घरवालों को सूचना दे दी है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. बताया जा रहा है की पैसों की तंगी से परेशान होकर एयरफोर्स के इस पूर्व कर्मचारी ने फांसी लगा ली और दुनिया को अलविदा कह दिया. आदमी के जान देने की वजह देश में मंदी और भ्रष्टाचार को बताया है. यहाँ सबसे बड़ी बात ये है की उसने अपनी मौत की वजह पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को ठहराया है. उसके पास से एक चार पन्ने का सुसाइड नोट मिला है.

आदमी का नाम था बिजन दास, उम्र 55 साल, सुसाइड नोट में बिजन दास ने देश में आ रही मंदी की वजह पी चिदंबरम के अंधाधुन्द भ्रष्टाचार को बताया है. नोट में उन्होंने अपने गायक बेटे के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की विनती की है. साथ ही लिखा कि उनके पार्थिक शरीर को प्रयागराज में ही दफना दिया जाए. फिलहाल पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है.

बिजन दास 6 सितंबर को किसी जरुरी काम से वो असम से प्रयागराज पहुंचे थे. वो वहां के खुल्दाबाद इलाके के प्रयाग होटल में ठहरे. फिर वो प्रयाग होटल के कमरा नबंर 214 में ठहरे थे. रात में वो कमरे में गये, लेकिन देर सुबह तक वो अपने कमरे से नहीं बहार निकले. होटल के वेटर ने उन्हें देखा ,मगर सोचा की वो सो रहे हैं. फिर जब शाम तक वो कमरे से नहीं निकले को वेटर ने होटल के मैनेजर को बताया और फिर कूलर के पीछे से देखा तो उन्हें पंखे से लटकता हुआ पाया.

पुलिस ने पहुँच कर जांच शुरू की तो 4 पेज का सुसाइड नोट मिला. आपको बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम जो अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं, उन्हें INX मीडिया मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने 19 सितंबर तक के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया है. उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि पीएम मोदी, मैं कभी भी आत्महत्या करना नहीं चाहता था. मैं मजबूर हूं.

सबको खुश करने की कोशिश में किसी को भी खुश नहीं रख पाया. अपने बेटे के लिए भी मे कुछ नहीं कर पाया, न ही उसे एक अच्छा बचपन दे सका. मैं उसके लिए घर तक नहीं बनवा पाया. मैंने न तो देश के लिए और ना ही अपने परिवार के लिए कुछ कर सका. मेरा बेटा बहुत अच्छा गाता है. पैसे की कमी के वजह से मैं उसको स्टेज नहीं दे पाया. उसका नाम विवेक है. मेरे बेटे की मदद करें. जनता हूँ आपके (पीएम मोदी) सामने कई कठिनाइयाँ हैं, लेकिन फिर भी आप मेरे बेटे की मदद करें. उसने मुझसे कुछ नहीं मांगा. मोदी जी अब मेरा बेटा मजबूर है. उसकी सेहत भी ठीक नहीं रहती है. मैं तो अब नौकरी भी नहीं कर सकता. मैं अपने बेटे की मदद कैसे करूं. इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं इस उम्मीद में की आप मेरे बेटे की मदद करेंगे. वह अच्छा सिंगर है.