क्राइम पेट्रोल देखकर चचेरी बहन को जिन्दा जला दिया सिरफिरा आशिक !

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एकतरफा जुनूनी प्यार जो इनकार नहीं सुनना चाहता था. उसे जब सामने से ना सुनने को मिलती है, तो वो बन जाती है एक लड़की को दिन- दहाड़े पेट्रोल डालकर, जला दिए जाने की वज़ह’.

रिश्तेदार ही निकला मासूम संजलि का कातिल

जी हाँ , 18 दिसम्बर, आगरा, उत्तर प्रदेश… यहाँ मलपुरा क्षेत्र के लालऊ गाँव में दसवीं कक्षा की छात्रा, संजलि पर दो अज्ञात बाइक सवार, पेट्रोल डालकर आग लगा देते हैं. लड़की को हड़बड़ी में दिल्ली के सफदरजंग हस्पताल भेजा गया, लेकिन 80 प्रतिशत जल जाने की वजह से उसे बचाया नहीं जा सका. संजलि को जब जलाया गया तो वह अपने स्कूल से घर लौट रही थी. दिन-दहाड़े हुई यह ह्त्या, सच में दहला देने वाली है. इसे जिसने भी जाना वह दंग रह गया. राजनीति हर बार की तरह शुरू हुई तो होती ही रह गई. सोशल मीडिया गुस्से से तपने लगा. हर तरफ “Justice For Sanjali” के हैशटैग ने इतना शोर किया कि साशन और प्रशासन के महकमे में हडकंप सा मच गया. सवाल उठा तो कानून व्यवस्था पर. मगर सवाल ये है की आखिर इसमें पुलिस भी क्या कर सकती है. जब किसी घटना को अंजाम कोई सीरियल देख कर दे रहा है तो इसमें पुलिस का भी क्या कसूर.

क्राइम पेट्रोल देखकर रची गयी थी हत्या की साजिश

आज हम २१ सदी में जी रहे हैं फिर भी हमारे बीच कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी घिनौनी मंशा को अंजाम देने के लिए फ़िल्में और सेरिअल्स का सहारा लेते हैं. इन लोगों को मानों ये मालूम ही नहीं की टीवी पर आ रही कहानिया केवल एंटरटेनमेंट के लिए हैं, और सामाजिक आईना दिखने के लिए हैं ताकि हम बच कर रहें न कि उन्ही कहानियों से आईडिया लेकर हम घटना को अंजाम दें.मगर इस बार किस्मत तो संजलि की खराब थी क्योंकि उसे इकतरफे प्यार के हत्थे चढ़ना पड़ा. एक तरफा प्यार और उसके जूनून के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन यह उससे एकदम अलग है क्योंकि इस बार आशिक कोई और नहीं बल्कि संजली के सगे ताऊ का बेटा था. पुलिस ने मामले की जांच करने के बाद संजलि के सगे ताऊ के बेटे योगेश को दोषी पाया. संजलि की मौत के बाद योगेश ने भी ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस ने जब दोनों घटनाओं को जोड़ने की कोशिश की, तो पाया कि योगेश अपनी ही चचेरी बहन संजलि से एकतरफा प्यार करता था. संजलि ने जब इनकार किया, तो योगेश ने अपने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर उनसे उसकी ह्त्या करा दी. पुलिस ने बताया कि योगेश और उसके रिश्तेदारों ने टीवी शो क्राइम पेट्रोल देखकर ह्त्या की साज़िश की. ऐसे में सवाल यह उठता है कि ये सीरियल हमें अपराध के खिलाफ जागरूक करते हैं या अपराधियों को अपराध के तरीके बताते हैं. पुलिस को योगेश के मोबाइल से संजलि की कई तस्वीरें और घर से कुछ लेटर्स भी मिले.

प्यार… जो रिश्ते नहीं देखता, उनका मान नहीं रखता… प्यार… जो इनकार नहीं सुन पाता… प्यार… जो प्यार का मतलब भी नहीं जानता और बस सामने वाले को पाना चाहता है… प्यार… जो उसकी ही बेरहमी से ह्त्या कर देता है जिससे वो प्यार करता है… कहाँ से आती है ये मानसिकता.? बचपन से ये संस्कार तो नहीं ही दिए होंगे घरवालों ने… स्कूल में ये तो नहीं ही सिखाया होगा टीचर्स ने… फिर वो क्या है जो बना देता है एक इंसान को इतना जुनूनी… वो क्या है जो बना देता है एक प्रेमी को खूनी… हमें तो समझ नहीं आता… कुछ भी कीजिये या ना कीजिये, लेकिन अपने घर के बच्चों को ये ज़रूर सिखाइए कि सही क्या है, और गलत क्या…