PM मोदी कि विदेश यात्राओं से हुए फायदे

0
106


जिस वक़्त हम कुछ करने की ठान लेते हैं, उस वक़्त हम मंजिल तक पहुँचने की आधी दूरी तय कर लेते हैं..

ये कहना है हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का.. और लंबी दूरियां तय कर मंजिल तक पहुँचने में तो वो माहिर हैं ही..

हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत विदेश यात्राएं करते हैं.. हैं ना? और उनकी हर विदेश यात्रा को विपक्ष ने मुद्दा बनाया.. कभी कहते हैं प्रधानमन्त्री देश में रहते ही नहीं.. उन को देश की परवाह ही नहीं.. कभी कहेंगे जितना पैसा वो विदेश यात्राओं पर खर्च करते हैं उतने में तो यह हो जाता, वो हो जाता.. हो तो बहुत कुछ उन घोटालों में भी जाता जो विपक्ष ने सत्ता में रहते हुए किये थे.. कभी बैठकर उनका हिसाब भी तो लगाइए.

खैर मुद्दा है प्रधानमंरी की विदेश यात्राओं का.. और आज इस वीडियो में हम आपको बताएँगे कि PM मोदी क्यूँ विदेश यात्रा करते हैं और उनसे देश को क्या क्या फायदा होता है.. प्रधानमंत्री दिन रात काम करते हैं.. उन्होंने कोई छुट्टी भी नहीं ली.. फिर भी उनकी आलोचना की गई.. तो इन सारी विदेश यात्राओं से क्या क्या हासिल हुआ इसी पर बात करेंगे.
आप सभी ने सुना ही होगा.

. ‘No नेटवर्किंग मीन्स नो वर्किंग’’

यानी कि नेटवर्किंग से मेल जोल बढाने से.. हमारे रिश्ते मजबूत बनते हैं.. हमारे काम बनते हैं.. हैं ना.. आप लोग भी करते हैं ना ऐसा… कि बस घर में ही बैठे रहते हैं.

ठीक इसी तरह से मोदी जी की विदेश यात्राओं से हमारे अन्य देशों के साथ बिगड़े हुए रिश्ते प्रगाढ़ हुए हैं और  बेहतर भविष्य के लिए कई सारी योजनाओं पर सील लगी है.

1 भारत भूटान में चार हाइड्रो पॉवर स्टेशन और बाँध का निर्माण करेगा, इस बाँध के लिए चीन भी बहुत कोशिश कर रहा था, लेकिन बाँध निर्माण कि डील साइन हुई भारत के साथ.. इस हाइड्रो पॉवर स्टेशन से भारत को मुफ्त में बिजली मिलेगी और हरित योजना में फायदा होगा.
2.) जर्मनी के साथ संबंध बढ़े और वे DMIC (दिल्ली-मुंबई इनवेस्टमेंट कॉरिडोर) में 90 बिलियन डॉलर का निवेश करने पर सहमत हुए।
3.) बीजेपी सरकार ने कच्चे तेल पर "वन टाइम डिलीवरी प्रीमियम चार्ज" नहीं लगाने के लिए सौदी अरबिया को मना किया... युवा पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस डील को साइन किया और इससे देश का करोड़ों रुपया बच गया।
4. वियतनाम के साथ रणनीतिक संबंध में वृद्धि हुई है और वे अब ONGC को कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए सहमत हो गए हैं, UPA के टाइम यह डील कभी साइन नहीं हुई क्यूंकि वो चीन कि वजह से आशंकित थे. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अन्य देशो के साथ अपने रिश्ते इतने अच्छे कर लिए हैं कि उनका भारत को पूरा सपोर्ट है जिस वजह से चीन हम से टकराने की हिम्मत नहीं करेगा.
5.) USA के प्रतिबंध के बावजूद ईरान से तेल आयात बढ़ाएं… इतना ही नहीं ईरान यह तेल हमें इंडियन करेंसी में देगा.. जिससे फॉरेन एक्सचेंज की वजह से हमारा काफी सारा पैसा बचेगा. 
6.) ऑस्ट्रेलिया कोयला और यूरेनियम का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है,
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्राइम मिनिस्टर टोनी एबॉट के साथ अच्छे रिश्ते बनाए और अब ऑस्ट्रेलिया हमारे देश में एनर्जी प्रोडक्शन के लिए यूरेनियम की आपूर्ति करेगा।
7.) 42 साल में पहली बार कोई भारतीय प्रधान मंत्री कनाडा गया.. और किसी समिट या मीट में भाग लेने के लिए नहीं बल्कि एक विशिष्ट दौरे पर गए और एक द्विपक्षीय समझौता साइन किया.. जिसके मुताबिक़ कनाडा अगले पांच साल तक भारत को NUCLEAR रिएक्टर के लिए यूरेनियम सप्लाई करेगा. जिससे india को पॉवर प्रोब्लेम्स सोल्व करने में मदद मिलेगी.
8.) कनाडा ने इंडियन टूरिस्टस को वीसा ऑन अराइवल की मंज़ूरी दी.
9)। मंगोलिया में विशाल प्राकृतिक भंडार है जो वो चीन के साथ साझा नहीं करना चाहता। जैसा कि मैंने सुना है, मंगोलिया को चीन के काम करने के तरीके पसंद नहीं है.. ना ही नाइजीरिया को। दरअसल चाइना दुसरे देशों में चल रहे अपने प्रोजेक्ट्स पर चीनी लेबर ही लगाती है जबकि पैसा और प्रोडक्शन दोनों की जिम्मेदारी दुसरे देश की ही होती है. जबकि यह कॉन्ट्रैक्ट होता ही इसीलिए है कि उस देश के लोगों को रोज़गार मिले लेकिन चाइना वहां भी अपने लोगों को काम पर लगा देती है जबकि भारत साझेदारी के साथ काम करती है और इसी वजह से दुसरे देश भारत के साथ काम करने में इंटरेस्टेड रहते हैं.

तो यह तो वो सारी डील्स हैं जो मोदी जी की फोरेन ट्रिप्स की वजह से ही संभव हुई.. इसके अलावा मोदी इन ट्रिप्स के जरिये भारत का बिज़नस, टूरिज्म और कल्चर भी प्रमोट कर रहे हैं.. जिससे यह देश india के साथ ज्यादा से ज्यादा बिज़नस करें, india में घुमने आयें यहाँ के कल्चर को अपनाएं.

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत की इकॉनमी तेज़ी से बढ़ रही है और अगले कुछ सालों में टॉप थ्री में होगी. उम्मीद हैं वो लोग जो मोदी जी के फोरेन ट्रिप्स पर सवाल उठाते हैं उन्हें जवाब मिल गया होगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here