NDA की बैठक से जुड़ी 10 बड़ी बातें, अमित शाह ने डिनर पर भी बुलाया था.

0
68

लोकसभा चुनाव के नतीजे से पहले ही बैठकों और मीटिंग का दौर शुरू हो गया है. कोई जीत को लेकर उत्साहित दिखाई दे रहा है तो कोई अपनी हार का ठीकरा किसी और पर थोपने के प्रयास में अभी से शुरू हो गया है. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली के अशोका होटल में एनडीए के सभी दलों को डिनर पर बुलाया था. इसमें प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हुए थे.. इस डिनर सिर्फ मोदी मोदी के नाम से गूँज उठा.. इस बैठक में शिवसेना, जदयू, एआईएडीएमके, अकाली दल, लोजपा, पीएमके, डीएमडीके, अपना दल, असम गण परिषद, आरपीआई, नेशनल पीपल्स पार्टी, गोवा फ़ॉरवर्ड पार्टी, इंडीजीनियस पीपल्स फ्रन्ट ऑफ़ त्रिपुरा, आरएलपी, तमिल मनीला कांग्रेस, निषाद पार्टी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट समेत कई और छोटी पार्टियां भी शामिल हुईं… अब आइये हम आपको इस बैठक से जुडी दस बड़ी बातें बताते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में प्रस्ताव : इस बैठक में शामिल सभी पार्टी के नेताओ ने मोदी के सम्मान में एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें यह कहा गया है कि  NDA सच्चे अर्थ में भारत की विविधता और गतिशीलता का प्रतिनिधित्व करता है. NDA भारत के 130 करोड़ लोगों के सपनों और आकांक्षाओं का गठबंधन हैं और इसी प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि  पीएम मोदी के नेतृत्व में इस गठबंधन ने ये साबित कर दिया है कि ये भारत के आम लोगों की आवाज़ बना है.

दूसरी बड़ी बात ये है कि इसी प्रस्ताव में मोदी सरकार की योजनाओं की तारीफ की गयी.. उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, आयुष्मान योजना, 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जमकर तारीफ की गयी है.

तीसरी बड़ी बात ये है कि इस प्रस्ताव के जरिये लिया गया है कि वोट बैंक की राजनीति नही की जायेगी वोट बैंक की राजनीति की जगह ‘राष्ट्र निर्माण’ की राजनीति को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है.

चौथी बड़ी बात ये है कि चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा की निंदा की गयी है. इसके साथ इस बात की भी निंदा की गयी जिसमें विपक्ष ने संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाया है जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है.

पांचवी बड़ी बात है कि इसी बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार का चुनाव प्रचार तीर्थयात्रा के जैसा रहा.. उन्होंने कहा कि मैंने कई विधानसभा चुनाव देखे है पिछली बार लोकसभा चुनाव में पूरे देश में जाने का मौका मिला था लेकिन इस बार का चुनाव राजनीति से ऊपर है ये किसी पार्टी का चुनाव नही है इसे जनता ने भी लड़ा है.. इस बार का चुनाव प्रचार ऐसा लगा कि जैसे तीर्थयात्रा हो.

छठी बड़ी बात ये है कि इस बैठक के बारे में ट्वीट करते हुए अमित शाह ने कहा कि मैंने टीम मोदी सरकार को पिछले पांच वर्षो के दौरान उनके कठिन परिश्रम और उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए बधाई दी. हम नए भारत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस गति को बनाए रखें.’

सातवी बड़ी बात ये है कि NDA की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री, लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान शामिल हुए. बैठक में शिरोमणि अकाली दल से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल भी इस बैठक में शामिल थे.

आठवी बड़ी बात ये है कि इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे. हालाँकि ये दोनों नेता अक्सर एनडीए की बैठक से दूरी बनाये रखते है ये दोनों भी आखिरी मौके पर बैठक में शामिल होने के लिए राजी हो गये.

नौवी सबसे बड़ी बात तो यह है कि एनडीए की इसी बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक भी हुई. इस बैठक में  केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, रामविलास पासवान, स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, रविशंकर प्रसाद, राधामोहन सिंह, हरसिमरत कौर बादल और अनुप्रिया पटेल भी शामिल रहे… पांच साल के काम काज पर विचार हुआ और मोदी ने इस मीटिंग में सभी मंत्रियों को उनके अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए शुक्रिया कहा

दसवी बड़ी बात यह है कि इस बैठक को अमित और प्रधानमंत्री ने भी संबोधित किया. इसके अलावा नितीश कुमार और उद्धव ठाकरे ने लोगों को संबोधित किया गया और बैठक में इस बात पर चिंता व्यक्त की गई कि ईवीएम को लेकर अनावश्यक मुद्दा उठाया जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबी को ही सबसे बड़ी समस्या बताई है…


ये रही मंगलवार को एनडीए की बैठक में हुई दस बड़ी बातें.. चुआंव नतीजे 23 को आने वाले हैं. देखने वाली बात है कि बहुमत किसे मिलता है. सरकार किसकी बनती है और प्रधानमंत्री कौन बन पाता है. एक तरफ एनडीए अपनी सरकार बनाने को लेकर कांफिडेंस में है तो दूसरी तरफ विपक्ष गठबंधन वाली सरकार के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहा है. दरअसल, 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे होने जा रहे हैं. ऐसे में बीजेपी ने अपनी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को इस वर्ष तक पूरा करने का टारगेट तय किया है. 2022 को सरकारी उपलब्धियों के जरिए बीजेपी ने यादगार बनाने की योजना बनाई है.