कुंभ मेले में जाने के पहले जरूर जान ले ये बातें

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गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम प्रयागराज में 14 जनवरी से 4 मार्च तक कुंभ मेला लगेगा। यह है तो अर्धकुंभ, लेकिन चुनावी साल होने की वजह से इसकी तैयारियां कुंभ मेले जैसी हैं। सबसे बड़ा मेला कुंभ 12 वर्षो के अन्तराल में लगता है और 6 वर्षो के अन्तराल में अर्द्ध कुंभ के नाम से मेले का आयोजन होता है।

2019 में आयोजित होने वाले प्रयाग में अर्द्ध कुंभ मेले का आयोजन होने वाला है। 2012 में मेले का बजट 200 करोड़ रु. था। चुनावी साल होने की वजह से उत्तरप्रदेश सरकार ने इस बार बजट 12 गुना से ज्यादा बढ़ाकर 2500 करोड़ रु. किया है। यहां 15 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद है। मेले में लगे सैकड़ों काउंटरों पर स्पेशल डेबिट कार्ड बनाए जाएंगे।


इससे आपको जेब में नकदी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जब आप वापस जाएंगे तो डेबिट कार्ड में बचे पैसों को भी वापस ले सकेंगे।इसके लिए मेला क्षेत्र को पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त करने के लिए एक लाख 22 हजार 500 शौचालय बनाए जा रहे हैं।


सैनिटेशन को लेकर कुंभ मेले का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड ऑफ रेकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के उद्देश्य से सरकार ने प्रयास शुरू किए हैं।स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि, कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर में साफ-सफाई के मानक भी तय किए गए हैं।
इसके लिए कुंभ मेले के दौरान करीब 35 हजार सफाईकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को मुफ्त में वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे ने बीएसएनएल के अधिकारियों से संपर्क किया है।


मकर संक्रांति के एक दिन पहले से ही मेला क्षेत्र में रेलवे के काउंटर शुरू कर दिए जाएंगे।
शिविरों में इस बार यात्रियों को मुफ्त में वाईफाई सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। चलिए ये होगयी बात kumb मेले की अगर आपका कही और का प्लान है तो सबको कीजिये स्टॉप जाइए 6 साल होने वाला अर्ध मेले में .

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Posted by The Chaupal on Tuesday, January 1, 2019

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